PM मोदी ने की पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना लांच, 30 लाख पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा फायदा

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नई दिल्ली| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वकर्मा जयंती के दिन रविवार को पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना लांच की। इस योजना पर वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक 13,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। योजना में देशभर में करीब 30 लाख पारंपरिक कारीगरों को फायदा मिलेगा। योजना के पहले चरण में कामगारों को 5% ब्याज दर से 1 लाख रुपए का लोन मिलेगा। 18 व्यवसायों से जुड़े लोगों को इस योजना से फायदा होगा।

इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारे यहां कहा गया है जो समस्त संसार की रचना और उससे जुड़े निर्माण कार्य करता है, उसे विश्वकर्मा कहते हैं। समाज के विकास में विश्वकर्मा साधियों का बड़ा योगदान है। इनके बिना रोजमर्रा की कल्पना भी मुश्किल है। उन्‍होंने कहा कि हमारी जिंदगी में लोहार, दर्जी, जूते वालों की अहमियत कभी खत्म नहीं हो सकती है। आज भी हम मटके और सुराही का पानी पीना पसंद करते हैं। टेक्नोलॉजी कहीं भी पहुंच जाए, इनकी अहमियत हमेशा रहेगी। हमारी सरकार विश्वकर्मा भाइयों का सम्मान और सामर्थ्य बढ़ाने के लिए सहयोगी बनकर सामने आई है।

पीएम मोदी ने कहा कि शायद ही कोई गांव होगा, जहां 18 प्रकार के काम करने वाले लोग नहीं होंगे। इस योजना में इस सभी लोगों को शामिल किया गया है। सरकार योजना के लिए 13 हजार करोड़ रुपए खर्च करने वाली है।उन्‍होंने कहा कि विश्वकर्मा साथियों के लिए ट्रेनिंग-टूल्स बहुत जरूरी है। ट्रेनिंग के दौरान भी आपको रोज 500 रुपये भत्ता सरकार की तरफ से दिया जाएगा। टूलकिट के लिए 15 हजार का वाउचर भी मिलेगा। मार्केटिंग में भी सरकार मदद करेगी। हमारे दो आग्रह हैं- सामान जीएसटी वाली दुकानों से खरीदें। दूसरा, टूल्स इंडिया मेड ही खरीदें।

पीएम मोदी ने कहा कि जी-20 समिट के दौरान भारत मंडपम की दुनिया में चर्चा हुई। यशोभूमि भी इसी परंपरा का हिस्सा है। यानी इस भूमि पर जो भी होगा, उससे यश ही यश मिलेगा। भारत की राजधानी में हमारी चीजों को शो केस करने के लिए जो सेंटर चाहिए, वैसा ही है। ये एयरपोर्ट के पास है, मेट्रो से कनेक्टिविटी है।

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