एजेंसी, गोथेनबर्ग। PM Modi Sweden Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीडन यात्रा भारत और यूरोप के संबंधों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इस दौरे के दौरान भारत और स्वीडन के बीच सुरक्षा, व्यापार, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित ऊर्जा और प्रौद्योगिकी समेत 6 बड़े क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते हुए। दोनों देशों ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया, जिससे आने वाले वर्षों में आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि ये भविष्य की साझेदारी का मजबूत आधार बनेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत-स्वीडन संबंध आने वाले समय में वैश्विक विकास और स्थिरता में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
My visit to Sweden was marked by several important outcomes that will add new momentum to India-Sweden relations.
From elevating our ties to a Strategic Partnership, launching the Joint Innovation Partnership 2.0 and the India-Sweden Technology and Artificial Intelligence… pic.twitter.com/KhzfaXbSey
— Narendra Modi (@narendramodi) May 18, 2026
रणनीतिक साझेदारी के नए दौर में पहुंचे दोनों देश
भारत और स्वीडन ने अपने संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। इसके तहत रक्षा, साइबर सुरक्षा, वैश्विक स्थिरता और आर्थिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में लगातार संवाद और संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। दोनों देशों ने अगली पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी विकसित करने पर सहमति जताई है, जिससे व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि भारत और स्वीडन संयुक्त रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक प्रौद्योगिकी कॉरिडोर विकसित करेंगे। इसके जरिए स्टार्टअप, अनुसंधान और नई तकनीकों के क्षेत्र में दोनों देशों की कंपनियों और संस्थानों को साथ काम करने का अवसर मिलेगा।
व्यापार और निवेश को दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और स्वीडन ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच संपर्क बढ़ाने, नई परियोजनाओं को बढ़ावा देने और छोटे एवं मध्यम उद्योगों के लिए विशेष मंच तैयार करने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने भारत-स्वीडन एसएमई और स्टार्टअप प्लेटफॉर्म बनाने की घोषणा भी की, जिससे युवा उद्यमियों और नवाचार से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके अलावा संयुक्त नवाचार भागीदारी 2.0 कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा।
पीएम मोदी ने बताई भारत की विकास यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी ने गोथेनबर्ग में आयोजित यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत की तेज विकास दर और सुधार आधारित अर्थव्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के लिए निवेश और तकनीकी सहयोग का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में अवसंरचना, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवाओं, गतिशीलता और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में बड़े अवसर मौजूद हैं। पीएम मोदी ने यूरोपीय कंपनियों से भारत में निवेश बढ़ाने का आह्वान भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोप के बीच बढ़ता सामंजस्य आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को भी दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उद्योग जगत के नेताओं से हुई विशेष चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन ने स्वीडन के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की। इस दौरान स्वीडन की युवराज्ञी विक्टोरिया भी मौजूद रहीं। बैठक में भविष्य की तकनीक, अनुसंधान, रक्षा उत्पादन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं और नवाचार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। पीएम मोदी ने भारत में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक माहौल और नई नीतियों की जानकारी देते हुए विदेशी निवेशकों को भारत आने का न्योता दिया।
पीएम मोदी को मिला स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान
स्वीडन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल “ऑर्डर ऑफ द नॉर्थ स्टार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान स्वीडन द्वारा विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को असाधारण योगदान और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए दिया जाता है। विशेष समारोह में स्वीडन की युवराज्ञी विक्टोरिया ने प्रधानमंत्री मोदी को “रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस” प्रदान किया। यह सम्मान 18वीं शताब्दी से जुड़ी स्वीडन की ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है। सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह उन सभी लोगों को समर्पित है जिन्होंने भारत और स्वीडन के रिश्तों को मजबूत बनाने में योगदान दिया।
टैगोर की विरासत से जुड़ा विशेष उपहार
भारत और स्वीडन के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी इस यात्रा में विशेष महत्व मिला। दोनों देशों के नेताओं ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत से जुड़े स्मृति चिह्नों का आदान-प्रदान किया। स्वीडन की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को एक विशेष बॉक्स भेंट किया गया, जिसमें टैगोर द्वारा हस्तलिखित नीति-वचनों की प्रतिकृतियां और उनकी वर्ष 1921 की स्वीडन यात्रा से जुड़ी तस्वीर शामिल थी। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री को रवींद्रनाथ टैगोर की संकलित रचनाओं का विशेष संग्रह और शांतिनिकेतन में तैयार हस्तनिर्मित बैग भेंट किया।
वैश्विक साझेदारी को नई मजबूती देने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भरोसेमंद साझेदारियां बेहद जरूरी हो गई हैं। उन्होंने भारत और स्वीडन के रिश्तों को लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और मानव केंद्रित विकास पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की दोस्ती केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साझा मूल्यों और भविष्य की सोच पर आधारित साझेदारी है। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भारत और स्वीडन के रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे तथा वैश्विक विकास में अहम योगदान देंगे।


