शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर

नीट-यूजी पेपर लीक में बड़ा खुलासा : लातूर कोचिंग संचालक गिरफ्तार, मोबाइल से मिला लीक प्रश्नपत्र

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। NEET UG Paper Leak : नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर से एक नामी कोचिंग संस्थान के संचालक को गिरफ्तार किया है। सीबीआई के अनुसार आरोपी मेडिकल प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने वाले संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था और परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र तथा उत्तर हासिल कर चुका था। जांच एजेंसी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के रूप में हुई है। एजेंसी ने रविवार को उसके ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से कथित तौर पर नीट-यूजी का लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ। इसके बाद सीबीआई ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर औपचारिक गिरफ्तारी कर ली।

परीक्षा से पहले ही मिल गया था प्रश्नपत्र

सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर परीक्षा से काफी पहले ही प्रश्नपत्र और उसके उत्तर प्राप्त कर लिए थे। आरोप है कि यह प्रश्नपत्र कई अभ्यर्थियों और अन्य लोगों तक पहुंचाया गया था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र आखिर किस स्तर से बाहर आया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह मामला केवल एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।

संगठित गिरोह के सक्रिय सदस्य होने का आरोप

सीबीआई का दावा है कि आरोपी लंबे समय से पेपर लीक गिरोह के संपर्क में था और परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने में उसकी भूमिका अहम थी। एजेंसी अब आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध काम के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ। सूत्रों के अनुसार जांच टीम यह भी देख रही है कि कहीं परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने के नाम पर छात्रों और अभिभावकों से मोटी रकम तो नहीं वसूली गई थी। एजेंसी को आशंका है कि इस गिरोह ने परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

कई और गिरफ्तारियां संभव

सीबीआई की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच एजेंसी उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने प्रश्नपत्र को आगे प्रसारित करने या अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। नीट-यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है और हर साल लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई शिक्षा विशेषज्ञों ने परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की मांग की है।

परीक्षा की पारदर्शिता पर उठे सवाल

इस मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ परीक्षा प्रणाली में निगरानी और सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है। सीबीआई फिलहाल इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है और एजेंसी का दावा है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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