NEET Re Exam 2026

नीट री-एग्जाम में सुरक्षा चक्र टूटा : असली छात्रों की जगह परीक्षा देने पहुंचे सॉल्वर गैंग के गुर्गे, बीएचयू की छात्रा समेत 24 लोग गिरफ्तार

देश/प्रदेश बिहार राष्ट्रीय

एजेंसी, लखीसराय। NEET Re Exam 2026 : देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में धांधली और पेपर लीक के विवाद के बाद 21 जून को दोबारा आयोजित कराई गई परीक्षा में भी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) एक पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा कराने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। इस बार परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र लीक होने के बजाय ‘सॉल्वर गैंग’ और ‘प्रॉक्सी’ यानी फर्जी छात्र सक्रिय हो गए, जो सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए सीधे परीक्षा हॉल के भीतर तक जा पहुंचे। बिहार के लखीसराय जिले में पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक बहुत बड़े सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया है और इस मामले में अब तक बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) की एक छात्रा और नामचीन मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत कुल 24 लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारियों के साथ मिलकर रचा गया खेल

इस पूरे सनसनीखेज मामले की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब परीक्षा केंद्र के भीतर असली उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने पहुंचे नकली छात्र पकड़े गए। लखीसराय के जिला प्रशासन और पुलिस बल की संयुक्त जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि इस सुनियोजित जालसाजी में केवल बाहरी अपराधी ही शामिल नहीं थे, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान छात्रों की उंगलियों के निशान और पहचान की जांच करने वाली बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी भी इस सिंडिकेट का हिस्सा बने हुए थे। पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क में कुल 24 लोगों की जो गिरफ्तारियां हुई हैं, उनमें से 9 शातिर लोग ऐसे थे जो मोटी रकम लेकर असली छात्र-छात्राओं की जगह पर बैठकर पर्चा हल कर रहे थे।

इस तरह खुला नेटवर्क: बायोमेट्रिक कंपनी का फर्जी कर्मी बनकर घुसा था मयंक

लखीसराय के जिला अधिकारी शैलेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार के दिशा-निर्देश में जब जांच टीम परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रही थी, तब हसनपुर हाई स्कूल परीक्षा केंद्र के भीतर एक संदिग्ध युवक पर टीम की नजर पड़ी। कड़ाई से की गई शुरुआती जांच में पता चला कि पटना मेडिकल कॉलेज का तृतीय वर्ष का एमबीबीएस छात्र मयंक कश्यप परीक्षा केंद्र में सुरक्षा जांच को चकमा देने के लिए बायोमेट्रिक कंपनी का फर्जी कर्मचारी और आई-कार्ड पहनकर अंदर दाखिल हो गया था। पुलिस ने मयंक कश्यप को तुरंत हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने इस पूरे रैकेट के ठिकानों और इसमें शामिल अन्य मुख्य चेहरों के नामों का खुलासा कर दिया।

गया मेडिकल कॉलेज का छात्र अर्पित राज है पूरे गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड

मयंक कश्यप से मिले सुरागों के आधार पर जब पुलिस ने केआरके हायर सेकेंडरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय लखीसराय में ताबड़तोड़ छापेमारी की, तो वहां से 7 और नकली उम्मीदवारों सहित कई लोगों को रंगे हाथों दबोच लिया गया। जांच में यह बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना और मास्टरमाइंड अर्पित राज है, जो गया के अन्नपूर्णा नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का छात्र है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अर्पित राज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और साल 2024 के मुख्य नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी उससे पहले कड़ाई से पूछताछ कर चुकी है।

देश के बड़े मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों के छात्र भी गिरोह में शामिल

इस सॉल्वर गैंग का जाल देश के कई बड़े प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों तक फैला हुआ था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) की छात्रा पूनम कुमारी शामिल है, जो दूसरे उम्मीदवार के नाम पर परीक्षा हॉल में बैठी हुई थी। इसके अलावा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली का छात्र सौरभ झा, दिल्ली के शाहदरा मेडिकल कॉलेज का इंटर्न अमन अग्रवाल और एनएमसीएच नर्सिंग का छात्र संजीत तथा उसका सगा भाई भी इस धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा केंद्र पर फोटो और फिंगरप्रिंट का मिलान न होने के कारण इन सभी पर शक गहराया था।

वायुसेना की मदद और एआई निगरानी के बावजूद सुरक्षा में बड़ी चूक

नीट परीक्षा में दोबारा गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े और अभूतपूर्व इंतजाम किए थे। प्रश्नपत्रों को सुरक्षित केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों की मदद ली गई थी, परीक्षा केंद्रों के भीतर और बाहर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जा रही थी, इंटरनेट सिग्नल को पूरी तरह ठप करने के लिए जैमर्स लगाए गए थे और देश भर में 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों के साथ 6,669 पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया था। लेकिन इतनी तगड़ी और त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सॉल्वर गैंग के गुर्गों का परीक्षा हॉल के भीतर सीट तक पहुंच जाना शिक्षा प्रणाली और एनटीए के सुरक्षा दावों पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

ये भी पढ़े : संस्कारधानी जबलपुर में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का ऐतिहासिक उत्सव, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री समेत हजारों नागरिकों ने एक साथ किया योगाभ्यास

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply