एजेंसी, नई दिल्ली। NEET Paper Leak CBI Charge Sheet : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक स्तर की परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी और प्रश्नपत्र जारी होने के गंभीर मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में लगभग 20 हजार पृष्ठों का अत्यंत विस्तृत और बड़ा आरोपपत्र जमा कर दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने न्यायालय के समक्ष यह स्पष्ट किया है कि इस आरोपपत्र के साथ बहुत बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण दस्तावेज और ठोस प्रमाण संलग्न किए गए हैं। हालांकि, प्रकरण से जुड़े कुछ आवश्यक कागजात की डिजिटल प्रतिलिपि बनाने और उन्हें जांचने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई थी, जिसकी वजह से एजेंसी ने अदालत से थोड़ा अतिरिक्त समय देने का विनम्र अनुरोध किया। विशेष अदालत ने जांच एजेंसी की इस मांग को सहर्ष स्वीकार करते हुए उन्हें शेष दस्तावेज जमा करने की अनुमति दे दी। इस बहुचर्चित और अति संवेदनशील मामले की आगामी अदालती सुनवाई अब 3 अगस्त को निश्चित की गई है।
The CBI has informed the Rouse Avenue Court that the chargesheet in the NEET UG 2026 paper leak case runs to 20,000 pages. The court took the chargesheet on record and granted the CBI time to file its annexures. The court observed that the chargesheet includes lists of documents,… pic.twitter.com/hWXijNxjxP
— IANS (@ians_india) July 29, 2026
422 दस्तावेज और 360 गवाहों के बयानों से मजबूत हुआ पक्ष
विशेष अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा प्रस्तुत आरोपपत्र को अपने आधिकारिक अभिलेख पर ले लिया है और जांच एजेंसी से इसमें शामिल किए गए गवाहों के बयानों तथा अन्य मुख्य साक्ष्यों के संदर्भ में विस्तृत ब्यौरा मांगा है। इसके उत्तर में केंद्रीय जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मुख्य दस्तावेजों की डिजिटल प्रतिलिपि तैयार करने का कार्य बहुत तेजी से चल रहा है और इसे जल्द ही पूरा करके न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा। एजेंसी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस विशाल आरोपपत्र में कुल 422 महत्वपूर्ण दस्तावेज, 360 निष्पक्ष गवाहों की पूरी सूची और 43 ठोस भौतिक प्रमाण शामिल किए गए हैं। इस पूरे मामले में वर्तमान में 13 प्रमुख आरोपी जेल में बंद हैं और न्यायिक हिरासत का सामना कर रहे हैं। इन आरोपियों में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के 3 विषय विशेषज्ञ भी शामिल हैं, जिन पर प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करने का गंभीर आरोप है।
कोचिंग संचालकों और विषय विशेषज्ञों पर कसता शिकंजा
विभिन्न सूचना माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार, अदालत में जमा की गई इस आरोपपत्र में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की जीव विज्ञान विशेषज्ञ मनीषा मंधारे, रसायन विज्ञान विशेषज्ञ प्रल्हाद विट्ठलराव और भौतिक विज्ञान विशेषज्ञ मनीषा संजय हवलदार को मुख्य रूप से नामजद किया गया है। इनके अलावा इस पूरे षड्यंत्र में शामिल कई अन्य बिचौलियों को भी आरोपी बनाया गया है, जिनमें मनीषा संजय वाघमारे, धनंजय निवृत्ति लोखंडे, शुभम मधुकर खैरनार, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और डॉक्टर मनोज भगवानराव शिरुरे जैसे नाम शामिल हैं। इतना ही नहीं, लातूर क्षेत्र के प्रसिद्ध आरसीसी प्रशिक्षण संस्थान के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर और पुणे स्थित एपीएमए प्रशिक्षण संस्थान के भौतिक विज्ञान शिक्षक तथा मुख्य संचालन अधिकारी तेजस हर्षदकुमार शाह को भी इस साजिश में बराबर का भागीदार मानते हुए आरोपी बनाया गया है।
बीएनएस और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई
इस पूरे मामले में भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम से संबंधित कठोर कानूनों के अंतर्गत प्राथमिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि देश की इस सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुई इस भारी गड़बड़ी के विरोध में देशभर के युवाओं और परीक्षार्थियों ने सड़कों पर उतरकर व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया था। भारी जन आक्रोश को देखते हुए शासन ने मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच कराने और दोषियों को कठोरतम दंड देने का अटूट आश्वासन दिया था। अब अदालत के समक्ष इतनी विस्तृत और मजबूत आरोपपत्र प्रस्तुत होने के बाद यह पूरा मामला अपने अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। आगामी 3 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न: सीबीआई ने अदालत में नीट मामले से जुड़ी कितनी लंबी चार्जशीट दाखिल की है?
उत्तर: सीबीआई ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में लगभग 20 हजार पृष्ठों की विस्तृत चार्जशीट पेश की है।
प्रश्न: आरोपपत्र में कितने गवाहों और सबूतों का उल्लेख किया गया है?
उत्तर: चार्जशीट में 422 दस्तावेज, 360 गवाहों की सूची और 43 भौतिक साक्ष्य शामिल किए गए हैं।
प्रश्न: इस मामले में एनटीए (NTA) के किन विशेषज्ञों को आरोपी बनाया गया है?
उत्तर: एनटीए की जीव विज्ञान विशेषज्ञ मनीषा मंधारे, रसायन विज्ञान विशेषज्ञ प्रल्हाद विट्ठलराव और भौतिक विज्ञान विशेषज्ञ मनीषा संजय हवलदार को नामजद किया गया है।
प्रश्न: नीट गड़बड़ी मामले में वर्तमान में कितने आरोपी जेल में बंद हैं?
उत्तर: इस मामले में एनटीए विशेषज्ञों, कोचिंग संचालकों और बिचौलियों सहित कुल 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
प्रश्न: अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई किस तारीख को होगी?
उत्तर: शेष दस्तावेजों की डिजिटल प्रतिलिपि पेश करने के लिए अदालत ने अगली सुनवाई 3 अगस्त को तय की है।
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