Kaushambi LPG Tanker

कौशांबी एलपीजी टैंकर हादसा : सीसीटीवी में कैद हुआ टोल प्लाजा पर मौत का मंजर, मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 हुई

उत्तर प्रदेश देश/प्रदेश

एजेंसी, कौशांबी। Kaushambi LPG Tanker Toll Plaza Blast : उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सिहोरी टोल प्लाजा पर हुए भीषण एलपीजी टैंकर हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे 2 और टोलकर्मियों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस बीच दुर्घटना का रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें तेज रफ्तार एलपीजी टैंकर को टोल प्लाजा के केबिन से टकराने और कुछ ही पलों में भीषण आग का गोला बनते हुए देखा जा सकता है। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

26 जून की सुबह हुआ था दर्दनाक हादसा

यह भीषण दुर्घटना 26 जून की सुबह कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा पर हुई थी। उस समय टोल प्लाजा पर रोज की तरह वाहनों की आवाजाही जारी थी और कर्मचारी अपने नियमित कार्य में लगे हुए थे। तभी तेज रफ्तार एलपीजी टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर सीधे टोल प्लाजा की ओर बढ़ा और केबिन तथा सुरक्षा दीवार से टकरा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ ही क्षणों में टैंकर में विस्फोट हो गया। देखते ही देखते पूरा टोल प्लाजा आग की लपटों में घिर गया और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ हादसे का पूरा घटनाक्रम

सामने आए सीसीटीवी फुटेज में दुर्घटना का पूरा घटनाक्रम स्पष्ट दिखाई देता है। फुटेज के अनुसार सुबह लगभग 6:40 बजे टोल प्लाजा पर वाहन सामान्य रूप से गुजर रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आया एलपीजी टैंकर अचानक नियंत्रण खो बैठा और सीधे टोल प्लाजा के केबिन से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद जोरदार विस्फोट हुआ और कुछ ही सेकंड में आग ने पूरे टोल प्लाजा को अपनी चपेट में ले लिया। चारों ओर धुएं का घना गुबार फैल गया और मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। हादसे की भयावहता सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रही है।

इलाज के दौरान 2 और घायलों ने तोड़ा दम

दुर्घटना में घायल टोलकर्मी हीरामणि सिंह और कृष्णपाल मौर्य की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा था, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। दोनों की मौत के बाद इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। इससे पहले दुर्घटना वाले दिन ही टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे और टोलकर्मी आलोक सिंह की मौके पर मौत हो गई थी। बाद में एक अन्य घायल अनिल कुमार ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे में जान गंवाने वाले हीरामणि सिंह अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे। कुछ वर्ष पहले उनके पिता का निधन हो चुका था। अब परिवार में उनकी बुजुर्ग मां, पत्नी और 2 छोटे बच्चे रह गए हैं। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पर गहरा संकट आ गया है। वहीं मध्य प्रदेश निवासी कृष्णपाल मौर्य पिछले लगभग 2 वर्षों से टोल प्लाजा पर कार्यरत थे। उनकी असमय मौत से परिवार को बड़ा सदमा पहुंचा है। परिजनों का कहना है कि परिवार का मुख्य सहारा छिन जाने से उनके सामने भविष्य की गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

एक घायल की हालत अब भी नाजुक

हादसे में घायल अतुल कुमार मिश्रा का उपचार अभी भी प्रयागराज के एक अस्पताल के बर्न वार्ड में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनके इलाज में जुटी हुई है। परिजन भी उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए हुए हैं।

हादसे की जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस भीषण दुर्घटना के बाद एलपीजी टैंकरों की आवाजाही, सड़क सुरक्षा और टोल प्लाजा पर सुरक्षा प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खतरनाक पदार्थ लेकर चलने वाले वाहनों की नियमित तकनीकी जांच, गति नियंत्रण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाना आवश्यक है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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