Mohan Yadav

मुख्यमंत्री मोहन यादव अधिकारियों पर सख्त : लंबित आदेश 3 दिन में लागू करने के निर्देश, देरी पर जताई नाराजगी

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। Mohan Yadav Officers Deadline Order : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित मामलों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले आदेशों और घोषणाओं को लंबे समय तक लंबित रखना स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिकता वाले सभी लंबित कार्यों का तेजी से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कुछ प्रशासनिक मामलों के लिए तत्काल कार्रवाई और अन्य महत्वपूर्ण घोषणाओं को अधिकतम 3 दिन के भीतर अमल में लाने के निर्देश दिए।

लंबित मामलों पर अधिकारियों से मांगा जवाब

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में लंबित प्रस्तावों और निर्णयों की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी निर्देशों का समय पर पालन होना आवश्यक है और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि प्राथमिकता वाले मामलों का तय समय-सीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों की नियमित समीक्षा करने और लंबित फाइलों को शीघ्र पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

कार्यालयों में समय पालन को लेकर फिर दिखाई सख्ती

बैठक में मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों के समय पर उपस्थित न होने के मुद्दे पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब कार्यालय का निर्धारित समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है, तो सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उसका पूरी गंभीरता से पालन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी लगातार देर से आते हैं या निर्धारित समय से पहले कार्यालय छोड़ते हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से स्वयं समय का पालन करते हुए कर्मचारियों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करने की भी बात कही।

अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सशस्त्र पुलिस बल में आरक्षक पदों पर भर्ती से जुड़े विषय की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरक्षक के 20 प्रतिशत पदों पर अग्निवीरों को प्राथमिकता देने संबंधी प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाना चाहिए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए।

किसानों के लिए ऑनलाइन सुविधा बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में किसानों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति का भी आकलन किया। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश के किसानों के लिए जल्द ही ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही ई-पासबुक की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद किसान घर बैठे किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लेने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर किसानों को सरकारी सेवाएं सरल और तेज गति से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली और कम अवधि वाली फसलों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों को देखते हुए जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित करने और संभागीय मुख्यालयों पर फूड फेस्टिवल आयोजित करने के निर्देश भी दिए, ताकि किसानों को नई तकनीकों, बेहतर उत्पादन और कृषि आधारित उत्पादों के विपणन के बारे में जानकारी मिल सके।

प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी

बैठक में प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर अन्य बड़े मंदिरों में भी होमगार्ड जवानों की तैनाती की व्यवस्था पर कार्य किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आवश्यकता के अनुसार इनकी नियुक्ति की जाए और संबंधित खर्च मंदिर समिति के माध्यम से वहन किया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ओरछा, दतिया, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, अमरकंटक और महेश्वर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, अस्पताल, धर्मशाला, अन्न क्षेत्र और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देना भी आवश्यक है।

समयबद्ध कामकाज पर मुख्यमंत्री का विशेष जोर

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोहराया कि शासन की योजनाओं और निर्णयों का लाभ समय पर जनता तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से जवाबदेही, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्य संस्कृति अपनाने की अपेक्षा जताते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं को तय समय के भीतर धरातल पर उतारना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है।

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