एजेंसी, कुमामोटो। Japan Earthquake News : जापान के दक्षिणी हिस्से में स्थित कुमामोटो प्रांत में मंगलवार का दिन भारी प्राकृतिक आपदा लेकर आया। शाम के समय अचानक धरती में हुए भीषण कंपन ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस प्रलयंकारी भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.8 मापी गई है जिसने भारी तबाही मचाई है। सबसे ज्यादा नुकसान काशिमा शहर में देखने को मिला है जहां झटकों की वजह से विशाल कमर्शियल शॉपिंग मॉल अचानक ढह गया। इस इमारत के मलबे के नीचे 50 से अधिक निर्दोष नागरिकों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। चारों तरफ मची चीख पुकार और अफरातफरी के बीच प्रशासन ने तुरंत आपातकाल की घोषणा कर दी है और घायलों को निकालने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। टोक्यो शहर से करीब 900 किलोमीटर दूर स्थित इस तबाही के केंद्र ने पूरे देश को हाई अलर्ट पर ला दिया है।
EQ of M: 6.5, On: 28/07/2026 12:57:22 IST, Lat: 32.643 N, Long: 130.985 E, Depth: 70 Km, Location: Japan.
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शॉपिंग मॉल का भयानक कोलैप्स और रेस्क्यू ऑपरेशन
काशिमा शहर के मध्य इलाके में स्थित बहुमंजिला शॉपिंग मॉल इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा शिकार बना है। तेज झटकों के कारण इस विशालकाय इमारत का फ्लोर नंबर 2 पूरी तरह से ढह गया और सीधे नीचे वाले फ्लोर पर आ गिरा। उस समय मॉल के अंदर बड़ी संख्या में लोग खरीदारी कर रहे थे जो संभलने का मौका मिलने से पहले ही मलबे में दब गए। स्थानीय प्रशासन और पुलिस नियंत्रण कक्ष की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक मलबे के अंदर 50 से भी ज्यादा लोगों के फंसे होने की बात सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही डिजास्टर रिस्पांस फोर्स और मेडिकल टीमों ने मौके पर पहुंचकर अपना रेस्क्यू मिशन शुरू कर दिया है। भारी मशीनों और क्रेन की मदद से कंक्रीट के बड़े टुकड़ों को हटाने का काम लगातार जारी है ताकि मलबे में दबे हुए लोगों को जिंदा बाहर निकाला जा सके और घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए नजदीकी मेडिकल सेंटर पहुंचाया जा सके।
सुनामी का अलर्ट और मौसम विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट
जापान की नेशनल मेट्रोलॉजिकल एजेंसी ने इस प्राकृतिक घटना को लेकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। इस आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार यह विनाशकारी भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजकर 27 मिनट पर आया था। वैज्ञानिकों ने बताया है कि इस भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था जिसकी वजह से धरती की ऊपरी परत पर झटकों का असर बहुत ज्यादा विनाशकारी साबित हुआ। भूकंप के तुरंत बाद समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए पूरे तटीय इलाके में सुनामी का रेड अलर्ट जारी कर दिया गया था। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए सायरन बजाकर चेतावनी दी गई। हालांकि हालात का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद लगभग 1 घंटे के भीतर इस सुनामी अलर्ट को वापस ले लिया गया जिससे प्रशासन और आम जनता ने बड़ी राहत की सांस ली।
इंफ्रास्ट्रक्चर का भारी नुकसान और मेगा इवैक्यूएशन प्लान
भूकंप की भयंकरता को देखते हुए सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा इवैक्यूएशन अभियान चलाया है। एहतियाती कदम उठाते हुए क्यूशू द्वीप और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों से लगभग 1.5 लाख से भी अधिक निवासियों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित रिलीफ कैंप में शिफ्ट किया गया है। इन कैंपों में प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी और मेडिकल सुविधाओं का पूरा इंतजाम किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ जापान के नेशनल ब्रॉडकास्टर द्वारा प्रसारित की जा रही विजुअल फुटेज में तबाही का खौफनाक मंजर साफ देखा जा सकता है। झटकों की वजह से कई मुख्य सड़कों के बीच बड़ी दरारें पड़ गई हैं और यातायात संपर्क टूट गया है। इसके अलावा कई पुराने पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कुछ रिहायशी इमारतों में भयंकर आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं। फायर ब्रिगेड की टीमें आग बुझाने में जुटी हैं और सरकार हर स्तर पर नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही है।
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