एजेंसी, नई दिल्ली। Lok Sabha Paper Leak Bill : देश की संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में मंगलवार को परीक्षाओं में होने वाली धांधली को रोकने वाले संशोधन विधेयक पर बेहद गरमागरम और लंबी बहस देखने को मिली। वर्ष 2026 के इस नए सार्वजनिक परीक्षा रोकथाम विधेयक पर चर्चा की शुरुआत होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इस महत्वपूर्ण मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने चर्चा का समय 6 घंटे से बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया है और आवश्यकता पड़ने पर इसे 10 घंटे तक भी बढ़ाया जा सकता है। सरकार का दावा है कि यह नया कानून देश भर में हो रहे प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर पूरी तरह से लगाम लगाएगा और धांधली करने वाले अपराधियों को कड़ी सजा दिलाएगा। वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए शिक्षा व्यवस्था की नाकामी और छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों को लेकर सरकार पर तीखे प्रहार किए हैं।
Delhi: Speaking in the Lok Sabha, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, “I will provide you with the evidence of the statements Pralhad Joshi made regarding the release of the Bilkis Bano convicts. I will send it to you. I will authenticate it.”
Objecting to this, BJP MP… pic.twitter.com/WHeXyVgeHX
— IANS (@ians_india) July 28, 2026
छात्रों पर बल प्रयोग और शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर कड़े सवाल
सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को यह अहम जिम्मेदारी दी गई है जिनका पिछला रिकॉर्ड महिलाओं के अपराधियों का समर्थन करने के मामले में विवादित रहा है। इस बयान पर सत्ताधारी सांसदों ने भारी हंगामा किया और उनसे तुरंत माफी मांगने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने देश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अत्यधिक मानसिक दबाव के कारण छात्र अवसाद का शिकार हो रहे हैं और आत्महत्या जैसे दुखद कदम उठा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए सरकार से सीधा जवाब मांगा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज करने और आंसू गैस के गोले या छर्रे वाली बंदूक चलाने का आदेश आखिर किसने दिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा कि युवाओं का खोया हुआ भरोसा वापस जीतने के लिए उन्हें सिर्फ कैमरे का नजरिया नहीं बल्कि अपने दिल का नजरिया भी बदलना होगा।
मंदिर के चढ़ावे और प्रश्नपत्र लीक को लेकर अखिलेश यादव का तंज
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सदन में सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में कथित रूप से चढ़ावे में हुई हेराफेरी का जिक्र करते हुए सरकार पर बड़ा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो सरकार भगवान के दरबार का दान और चढ़ावा सुरक्षित नहीं रख सकती वह देश के युवाओं का भविष्य और परीक्षा के प्रश्नपत्र कैसे सुरक्षित रखेगी। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री के अचानक हुए इस्तीफे पर चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार ने एक मंत्री की कुर्सी छीनकर असल में अपने प्रधानमंत्री को बचाने का काम किया है। उन्होंने देश के युवाओं की ताकत की सराहना करते हुए कहा कि यह आम छात्रों के आंदोलन की ही बड़ी जीत है जिसने दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी को अपनी मांगे मानने के लिए झुकने पर मजबूर कर दिया है। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सिर्फ नया कानून बना देने से पिछले 12 सालों की घोर प्रशासनिक विफलता को छुपाया नहीं जा सकता।
सरकार का बचाव और नए कानून में कड़ी सजा का प्रावधान
विपक्ष के इन तमाम तीखे हमलों का जवाब देने के लिए सरकार के कई मंत्रियों और सांसदों ने भी अपना मोर्चा संभाला। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज ने विपक्ष को आईना दिखाते हुए पुरानी सरकारों के कार्यकाल का पूरा कच्चा चिट्ठा सदन के सामने खोल दिया। उन्होंने उन तमाम घटनाओं की एक लंबी सूची पेश की जब पुरानी सरकारों के समय में दर्जनों बार विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए थे। सरकार की तरफ से यह पूरी तरह से स्पष्ट किया गया कि यह नया संशोधन विधेयक बहुत ही सख्त और प्रभावशाली है। इस नए कानून के तहत परीक्षा में धांधली करने वाले संगठित अपराधियों को 5 से 10 साल तक की लंबी कैद भुगतनी होगी और उन पर 1 करोड़ से लेकर 10 करोड़ रुपए तक का भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके साथ ही मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा ताकि जांच एजेंसियों की प्रक्रिया 2 महीने के भीतर पूरी हो सके और अधिकतम 3 महीने के अंदर अदालत का अंतिम फैसला आ सके जिससे निर्दोष छात्रों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
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