Indian Ship Virat 1

ओमान के निकट समुद्र में डूबते भारतीय मालवाहक पोत से सभी चौदह क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया, दूतावास ने दी बड़ी राहत

अंतर्राष्ट्रीय ओमान नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, मस्कट। Indian Ship Virat 1 : अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग पर ओमान के तट के समीप भारतीय ध्वज वाले एक पारंपरिक व्यावसायिक जहाज ‘विराट 1’ के साथ रविवार को एक बेहद गंभीर और डरा देने वाली दुर्घटना घटित हो गई। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास गहरे समुद्र से गुजरते समय यह मालवाहक जहाज अचानक अनियंत्रित होकर लहरों के बीच डूबने लगा, जिससे जहाज पर मौजूद चालक दल के सदस्यों में हड़कंप मच गया। इस बड़े हादसे के वक्त जहाज पर कुल चौदह भारतीय नाविक सवार थे, जिनकी जान पर भारी संकट मंडराने लगा था। हालांकि, समय रहते शुरू किए गए अंतरराष्ट्रीय बचाव अभियान और ओमान प्रशासन की तत्परता के चलते एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया और जहाज पर मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बचा लिया गया। इस सफल बचाव कार्य के बाद मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर देशवासियों को राहत भरी खबर दी है।

गहरे समुद्र में अचानक पानी भरने से पैदा हुआ संकट

इस भयानक घटनाक्रम के संबंध में प्राप्त ताजा तकनीकी जानकारियों के अनुसार, भारतीय मैकेनाइज्ड सेलिंग वेसल ‘विराट 1’ जब रास अल हद्द नामक तटीय स्थान से लगभग अस्सी समुद्री मील की दूरी पर मौजूद था, तभी अचानक जहाज के निचले हिस्से में तकनीकी खराबी के चलते समुद्र का पानी बेहद तेजी से भरने लगा। पानी का दबाव इतना अधिक था कि जहाज धीरे-धीरे एक तरफ झुकने लगा और डूबने की स्थिति में पहुंच गया। इस आपातकालीन स्थिति में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा तंत्र तुरंत सक्रिय हो गया। अमेरिकी नौसेना के एक खोजी और गश्ती विमान पी-आठ ने समुद्र में डूबते जहाज को सबसे पहले चिन्हित किया और बिना समय गंवाए संकट में फंसे नाविकों की मदद के लिए हवा से लाइफ राफ्ट यानी जीवन रक्षक नौकाएं नीचे गिराईं। इसके साथ ही अमेरिकी विमान ने वायरलेस प्रणाली के जरिए उस क्षेत्र के आसपास मौजूद अन्य बड़े व्यावसायिक जहाजों को भी इस संकट के बारे में तुरंत सतर्क कर दिया।

ओमान प्रशासन और भारतीय नौसेना का संयुक्त राहत अभियान

घटना की जानकारी मिलते ही मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास ने बिना कोई देरी किए ओमान के स्थानीय अधिकारियों, वहां के तटीय सुरक्षा बल और नौसेना के साथ संपर्क स्थापित कर एक सघन खोज और बचाव अभियान शुरू करवा दिया। संकटग्रस्त क्षेत्र के पास मौजूद अन्य जहाजों ने भी तत्परता दिखाते हुए डूबते जहाज के पास पहुंचकर सभी चौदह भारतीय क्रू सदस्यों को लहरों के बीच से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस बेहद खतरनाक और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी नाविक को कोई गंभीर चोट नहीं आई। इस बीच, भारतीय नौसेना के युद्धपोत भी घटना की सूचना मिलते ही प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना हो गए ताकि बचाए गए भारतीय नागरिकों को चिकित्सकीय और अन्य जरूरी सहायता प्रदान की जा सके और जहाज की स्थिति का आकलन किया जा सके।

पीड़ित परिवारों की सहायता और दूतावास की सक्रियता

मस्कट में भारतीय दूतावास के उच्चायोग ने इस सफल अभियान की पुष्टि करते हुए कहा कि वे इस पूरी स्थिति पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। दूतावास के अधिकारी ओमान के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाए गए सभी नाविकों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही, भारत में रह रहे इन नाविकों के चिंतित परिवारों से भी निरंतर संपर्क साधा जा रहा है ताकि उन्हें अपने परिजनों की कुशलता की जानकारी देकर आश्वस्त किया जा सके। भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियां भी इस पूरे घटनाक्रम और बचाव कार्य की पल-पल की रिपोर्ट ले रही हैं और नाविकों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्वदेश वापस लाने के लिए आवश्यक कागजी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी हुई हैं।

सामरिक समुद्री मार्ग में सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियां

यह गंभीर घटना हॉर्मुज की खाड़ी और ओमान के तटीय क्षेत्र जैसे दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री रास्तों में जहाजों की सुरक्षा की अहमियत को एक बार फिर से रेखांकित करती है। इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े जहाज और तेल टैंकर गुजरते हैं, जहां अक्सर खराब मौसम, अचानक आने वाली तकनीकी खराबी या अन्य अप्रत्याशित बाधाओं के कारण छोटे जहाजों के फंसने का खतरा बना रहता है। चूंकि भारत वैश्विक स्तर पर मर्चेंट नेवी और समुद्री व्यापार के क्षेत्र में लाखों कुशल नाविकों का योगदान देता है, इसलिए इस तरह की कोई भी दुर्घटना पूरे देश को चिंता में डाल देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और ओमान के बीच के बेहद मजबूत और पुराने कूटनीतिक संबंध इस संकट के समय में एक बार फिर बेहद मददगार साबित हुए, जिसके कारण ओमान के कोस्ट गार्ड ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय नागरिकों की जान बचाई।

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