एजेंसी, बेंगलुरु। ED Raids ISIS Network Bengaluru : कर्नाटक में युवाओं को प्रतिबंधित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में शामिल करने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बड़ा एक्शन लिया है। ईडी ने मंगलवार को राज्य में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी ने राजधानी बेंगलुरु और इसके आसपास के इलाकों में लगभग 8 परिसरों पर यह कार्रवाई की। यह पूरी कानूनी कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए द्वारा 5 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट के आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के तहत शुरू की गई है।
ED #Bangalore Zone conducts searches at 8 premises in connection with an Enforcement Case Information Report registered on the basis of an FIR filed by the NIA. According to ED, the case is in relation to the recruitment of individuals for ISIS. pic.twitter.com/oeSrm6DNdq
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 21, 2026
‘इकरा कैंप’ और ‘कुरान सर्कल’ के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश
ईडी और एनआईए की विस्तृत जांच में सामने आया है कि आरोपी मुस्लिम युवाओं को इकट्ठा करने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने के लिए एक सुनियोजित साजिश के तहत काम कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने ‘इकरा कैंप’ नाम से एक मुस्लिम पर्सनैलिटी डेवलपमेंट वर्कशॉप शुरू की और इसी के जरिए ‘कुरान सर्कल’ नाम से एक साप्ताहिक स्टडी ग्रुप चलाया। इन मंचों का इस्तेमाल कर मासूम युवाओं को आईएसआईएस में शामिल होने और उसकी हिंसक विचारधारा को अपनाने के लिए लगातार भड़काया और प्रेरित किया जाता था।
सीरिया भेजने के लिए फंड कलेक्शन और नागरिकता संशोधन कानून के विरोध का इस्तेमाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपियों ने युवाओं को तुर्की के रास्ते सीरिया भेजने और वहां की सरकार के खिलाफ आईएसआईएस के पक्ष में लड़ाके के तौर पर खड़ा करने के लिए वित्तीय संसाधन भी जुटाए। ईडी ने बताया कि इन आरोपियों ने विभिन्न व्यक्तियों, ट्रस्टों और अपनी व्यक्तिगत बचत के माध्यम से अवैध रूप से फंड एकत्र किया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए और एनआरसी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पैदा हुई भावनाओं का फायदा उठाया तथा युवाओं को गैर-मुसलमानों के खिलाफ भड़काने का काम किया। इसके बाद सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए आतंकी संगठन की विचारधारा का तेजी से प्रचार-प्रसार किया गया।
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