एजेंसी, हरदोई। हरदोई में गरजे प्रधानमंत्री मोदी : उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद में गंगा एक्सप्रेसवे के ऐतिहासिक लोकार्पण के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार किया। प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक संशोधन विधेयक के संसद में पारित न हो पाने के लिए समाजवादी पार्टी को मुख्य रूप से उत्तरदायी ठहराया। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो दल समाज को विभाजित करने और विखंडित करने की मंशा रखते हैं, वे मूलतः ‘नारी विरोधी’ हैं। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की जनता का अपमान करने वाले राजनैतिक दलों का साथ देकर इस महत्वपूर्ण विधेयक की राह में रोड़े अटकाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्ववर्ती सरकारों के शासनकाल में अपराध और अराजकता ही राज्य की नियति बन गई थी, परंतु वर्तमान में उत्तर प्रदेश की सुदृढ़ कानून व्यवस्था संपूर्ण राष्ट्र के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
सफर हमने किया नए रास्ते बनाते हुए, 🛣️
उड़ान भरी हमने आकाश में जगमगाते हुए। 🌈जहां देश में 2014 तक गिने-चुने एक्सप्रेस-वे थे, आज प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के कारण देशभर में सड़कों का जाल बिछ चुका है।
3,500 किलोमीटर से… pic.twitter.com/t9rWsJTrB1
— BJP Kisan Morcha (@bjpkm4kisan) April 29, 2026
सत्ता से दूरी के कारण विकास में बाधा डाल रही है सपा
प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक संसाधनों का दुरुपयोग किया और प्रदेश को लूटा, वे अब राज्य की प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी की मानसिकता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि सत्ता हाथ से निकल जाने के कारण ये लोग उत्तर प्रदेश को पुनः उसी पुराने अंधकारमय युग और ‘जंगलराज’ की ओर धकेलने का षड्यंत्र रच रहे हैं। मोदी के अनुसार, विपक्षी दलों का एकमात्र लक्ष्य समाज को जातियों में बांटकर अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकना है, जबकि वर्तमान सरकार सबका साथ और सबके विकास के मंत्र पर कार्य कर रही है।
महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्षी दलों के दोहरे चरित्र का पर्दाफाश
नारी वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए यह क्रांतिकारी विधेयक संसद में लाई थी। यदि यह विधेयक पारित हो जाता, तो आगामी २०२९ के लोकसभा चुनावों से ही माताओं-बहनों को विधायी संस्थाओं में उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त होता। उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे दलों ने अपने निहित स्वार्थों के कारण इसका विरोध किया। प्रधानमंत्री ने यह भी उजागर किया कि इस संशोधन से न केवल आरक्षण मिलता, बल्कि विधानसभाओं में सीटों की संख्या में भी वृद्धि होती। उन्होंने सपा को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि एक ओर ये दल उत्तर प्रदेश की जनता से मत मांगते हैं, और दूसरी ओर संसद में उन ताकतों के साथ खड़े होते हैं जो उत्तर प्रदेश को अपमानित करती हैं।
तुष्टीकरण और परिवारवाद की राजनीति पर कड़ा प्रहार
प्रधानमंत्री ने जनता को सचेत करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी कभी भी परिवारवाद और जातिवाद के संकुचित घेरे से बाहर नहीं निकल सकती। उन्होंने कहा कि यह दल सदैव अपराधियों को संरक्षण देने और तुष्टीकरण की राजनीति करने में विश्वास रखता है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज जब पूरा विश्व युद्ध और अस्थिरता के संकट से जूझ रहा है, तब भारत अपनी तीव्र विकास दर से दुनिया को चकित कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जहां विदेशी शक्तियां भारत के उत्थान से ईर्ष्या करती हैं, वहीं देश के भीतर बैठे कुछ लोग सत्ता की ललक में राष्ट्र के सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे: उत्तर प्रदेश की समृद्धि का नया मार्ग
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने गंगा एक्सप्रेसवे को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक विशाल कदम बताया। ३६,२३० करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह ५९४ किलोमीटर लंबा मार्ग मेरठ से लेकर प्रयागराज तक के १२ जनपदों के भाग्य को बदलने वाला सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आधुनिक अवसंरचना उत्तर प्रदेश के परिश्रमी नागरिकों के लिए अनंत संभावनाओं के द्वार खोलेगी। मल्लावां में आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री ने दोहराया कि एक्सप्रेसवे का यह जाल राज्य की आर्थिक उन्नति की रीढ़ बनेगा और इसे देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में सहायक होगा।
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