एजेंसी, टोक्यो। PV Sindhu Japan Open Win : भारत की अग्रिम पंक्ति की बैडमिंटन धुरंधर पीवी सिंधु ने अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर एक बार फिर देश का नाम रोशन करते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन प्रतियोगिता का मुख्य खिताब अपने नाम कर लिया है। इस शानदार सफलता के साथ ही वे इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता को जीतने वाली भारत की सबसे पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं। 31 वर्ष की हो चुकीं इस अनुभवी भारतीय खिलाड़ी ने रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में स्थानीय दर्शकों की पसंदीदा और जापान की मजबूत खिलाड़ी अकाने यामागुची को सीधे गेम में पराजित किया। पूरे 50 मिनट तक चले इस कड़े और रोमांचक मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी प्रतिद्वंद्वी पर 21-17, 21-17 से एकतरफा जीत दर्ज की।
Two-year wait for the BWF World Tour crown ends in Tokyo!
The Indian badminton ace P.V. Sindhu turned back the clock with a dominant display to beat local favourite Akane Yamaguchi in straight games, clinching her maiden BWF Super 750 title at the Japan Open 2026 badminton… pic.twitter.com/Posa07P1qq
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) July 19, 2026
अकाने यामागुची के खिलाफ 4 वर्षों के बाद मिली पूर्ण विजय
इस खिताबी मुकाबले की जीत पीवी सिंधु के लिए कई मायनों में बेहद खास और महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने लगभग 4 वर्षों के एक लंबे अंतराल के बाद अकाने यामागुची को किसी पूर्ण मैच में शिकस्त देने में सफलता हासिल की है। इससे पूर्व उन्हें जापानी खिलाड़ी के खिलाफ आखिरी पूर्ण जीत वर्ष 2022 में आयोजित थाईलैंड ओपन के दौरान मिली थी। हालांकि पिछले साल मलेशिया ओपन में भी दोनों का आमना-सामना हुआ था, परंतु उस समय यामागुची मैच के बीच में ही चोटिल होकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई थीं, जिसके कारण वह एक पूर्ण मैच की जीत नहीं मानी गई थी।
वर्ष 2019 के बाद करियर की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता
भारतीय बैडमिंटन की इस स्टार खिलाड़ी ने इस खिताबी जीत के साथ ही पिछले 2 वर्षों से चले आ रहे खिताबी सूखे को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया था, जबकि वर्ष 2022 में वे सिंगापुर ओपन सुपर 500 प्रतियोगिता में विजेता बनी थीं। यह पीवी सिंधु के पूरे खेल जीवन का सबसे पहला सुपर-750 श्रेणी का खिताब है। अगर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों की बात की जाए तो वर्ष 2019 में विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतने के बाद यह उनके करियर की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है।
चोट और वॉकओवर के बीच फाइनल तक का सफर
इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान पीवी सिंधु का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा और उन्हें कुछ मैचों में भाग्य का भी साथ मिला। सेमीफाइनल के बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में चीन की शीर्ष खिलाड़ी चेन यू फेई के पैर की मांसपेशियों में गंभीर खिंचाव आ गया, जिसके कारण वे मैच के बीच में ही हटने को मजबूर हो गईं। जब चीनी खिलाड़ी खेल से बाहर हुईं, तब सिंधु मैच में 21-19, 15-10 की मजबूत बढ़त के साथ जीत की ओर अग्रसर थीं। इससे पहले के दौर में जापान की ही पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा भी चोट के कारण मैदान पर नहीं उतरीं, जिससे भारतीय खिलाड़ी को सीधे अगले दौर में प्रवेश मिल गया। वहीं प्रतियोगिता के दूसरे दौर में सिंधु ने चीन की हान यू को मात्र 35 मिनट के भीतर 21-16, 21-14 से एकतरफा शिकस्त देकर अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की की थी।
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