एजेंसी, नई दिल्ली। Commercial LPG Price : देश भर में महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को कमर्शियल रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में एक बार फिर से जोरदार बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इस अचानक हुई मूल्य वृद्धि के कारण अब होटल, रेस्तरां, ढाबा, कैटरिंग सेवाओं और कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर रहने वाले अन्य तमाम छोटे-बड़े व्यवसायों की लागत काफी ज्यादा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहाँ 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में इस सिलेंडर की नई कीमत बढ़कर 3,113.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है।
News Alert ! Commercial LPG prices hiked by Rs 42 per 19-kg cylinder; no change in domestic cooking LPG rates. pic.twitter.com/bHEcb6W1sR
— Press Trust of India (@PTI_News) June 1, 2026
जानिए आपके शहर में कमर्शियल सिलेंडर कितना हुआ महंगा
तेल कंपनियों द्वारा जारी की गई नई दरों के मुताबिक, इस बार सबसे ज्यादा मार पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पर पड़ी है। कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर के दाम में सबसे अधिक 53.50 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी कीमतों में 43.50 रुपये और दक्षिण के प्रमुख महानगर चेन्नई में 46 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई है। बड़े सिलेंडरों के साथ-साथ कंपनियों ने छोटे कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी झटका दिया है और 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि, आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि घर के किचन में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर के दामों में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है।
वैश्विक बाजार में बढ़ता दबाव और लगातार महंगी होती गैस
कमर्शियल एलपीजी की दरों में की गई यह ताजा बढ़ोतरी कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ महीनों से कमर्शियल गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि का सिलसिला देखा जा रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और ईंधनों की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और आपूर्ति से जुड़ी वैश्विक चिंताओं की वजह से ईंधन बाजारों पर बहुत ज्यादा दबाव बना हुआ है। इसी अंतरराष्ट्रीय दबाव का सीधा असर अब घरेलू बाजार पर दिख रहा है, जिसके कारण कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए गैस की लागत लगातार महंगी होती जा रही है। इस मूल्य वृद्धि का सबसे बड़ा और सीधा असर आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) और खाद्य सेवा क्षेत्र से जुड़े बिजनेस पर पड़ेगा, जहां रोजमर्रा के कामकाज के लिए कमर्शियल गैस ही मुख्य जरूरत है।
होटल-रेस्तरां कारोबारियों की बढ़ेगी चिंता, घरेलू गैस के दाम स्थिर
उद्योग जगत के विशेषज्ञों और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में इस तरह लगातार होने वाली बढ़ोतरी से रेस्तरां, hotel, बेकरी और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले छोटे खाद्य विक्रेताओं की कमाई और मुनाफे पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में बाहर का खाना भी महंगा हो सकता है। इसके विपरीत, राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दाम पुराने स्तर पर ही टिके हुए हैं। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर अभी भी 913 रुपये, मुंबई में 912.50 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये की पुरानी कीमत पर ही मिल रहा है, जिससे आम परिवारों का बजट बिगड़ने से बच गया है।
सरकार और तेल कंपनियों ने दिया पर्याप्त स्टॉक का भरोसा
गैस की बढ़ती कीमतों के बीच आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों की चिंताओं को देखते हुए सरकार और देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों की तरफ से एक राहत भरा बयान भी सामने आया है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि इस समय देश भर में एलपीजी गैस का पर्याप्त और सुरक्षित भंडार उपलब्ध है। वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चल रही उथल-पुथल और तनाव के बावजूद, देश के भीतर रसोई गैस और अन्य सभी पेट्रोलियम उत्पादों की बिना किसी रुकावट के लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि देश में ईंधन की कोई किल्लत न हो।
ये भी पढ़े : उज्जैन महाकुंभ 2028 के लिए 18 हजार करोड़ का बजट : डिजिटल तकनीक और कड़े नियमों से लैस होगा नया प्रशासनिक ढांचा
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


