एजेंसी, भोपाल। CM Security Breach : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली लापरवाही का मामला सामने आया है। बुधवार देर रात मुख्यमंत्री के विशेष सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए एक बाइक सवार सिपाही काफिले के बेहद करीब पहुंच गया। हद तो तब हो गई जब सुरक्षा निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए वह सिपाही करीब 4 किलोमीटर तक मुख्यमंत्री के काफिले का लगातार पीछा करता रहा और उसे ओवरटेक करने की कोशिश में लगा रहा। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से नौकरी से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।
लालघाटी से वीआईपी सुरक्षा में लगी सेंध, करबला तिराहे पर घेराबंदी कर दबोचा
मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार की रात को स्टेट हैंगर से वापस अपने शासकीय निवास की तरफ लौट रहे थे। जब उनका काफिला लालघाटी चौराहे से गुजर रहा था, तभी वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिस व्यवस्था के बीच से निकलकर एक सिपाही अचानक अपनी मोटरसाइकिल लेकर सीधे काफिले के बीचों-बीच जा घुसा। इसके बाद वह सिपाही लगातार वाहनों को ओवरटेक करने का प्रयास करने लगा। स्थिति को बेहद खतरनाक और संदिग्ध मानते हुए सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत वायरलेस सेट के जरिए आगे तैनात चेकिंग टीमों को हाई अलर्ट भेजा। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए करबला तिराहे के पास मजबूत घेराबंदी की और उस सिपाही को जबरन रोक लिया।
ब्रीथ एनलाइजर टेस्ट में शराब पीने की पुष्टि, निशातपुरा थाने में पदस्थ है सिपाही
काफिले को खतरे में डालने वाले इस सिपाही को हिरासत में लेने के बाद जब उसकी जांच की गई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पुलिस द्वारा किए गए ब्रीथ एनलाइजर टेस्ट में सिपाही के अत्यधिक शराब के नशे में धुत होने की पुष्टि हुई। सूत्रों के मुताबिक, पकड़ा गया सिपाही राजधानी के निशातपुरा थाने में पदस्थ है और उसका संबंध एक पुलिस परिवार से ही है। नशे की हालत में मुख्यमंत्री जैसे उच्च पदस्थ व्यक्ति की सुरक्षा को खतरे में डालने के इस कृत्य को अक्षम्य अपराध मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उसे तुरंत नौकरी से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए।
वीवीआईपी सुरक्षा और ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठे बड़े सवाल
इस गंभीर चूक के बाद मुख्यमंत्री की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं। लालघाटी चौराहे जैसे व्यस्त और संवेदनशील पॉइंट पर भारी पुलिस बल तैनात होने के बावजूद एक सिपाही इतनी आसानी से सुरक्षा चक्र को कैसे भेद गया, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की एक अलग से उच्च स्तरीय विभागीय जांच बैठाई जा रही है। मौके पर तैनात अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका और मुस्तैदी को भी परखा जा रहा है। अधिकारियों ने साफ किया है कि सुरक्षा के तय मानकों में किसी भी स्तर पर ढिलाई पाए जाने पर दोषी पाए जाने वाले अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी बेहद सख्त और दंडात्मक अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी।
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