विनेश फोगाट

एशियन गेम्स ट्रायल्स : विनेश फोगाट एशियाई खेलों की दौड़ से बाहर, युवा पहलवान मीनाक्षी गोयत ने दी शिकस्त 

कुश्ती खेल

एजेंसी, दिल्ली। Asian Games Trials : अनुभवी ओलंपियन महिला पहलवान विनेश फोगाट शनिवार को आयोजित हुए अत्यंत महत्वपूर्ण चयन ट्रायल्स में एशियन गेम्स के लिए अपनी जगह पक्की करने से चूक गईं। इकतीस वर्ष की सीनियर खिलाड़ी विनेश को महिलाओं के 53 किलोग्राम भार वर्ग के एक बेहद रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में उभरती हुई युवा पहलवान मीनाक्षी गोयत के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। राजधानी के इंदिरा गांधी स्टेडियम में खेले गए इस नॉकआउट मैच में मीनाक्षी ने अपने बेहतरीन दांव-पेंच का प्रदर्शन करते हुए विनेश को 6-4 के अंतर से धूल चटा दी। इस अप्रत्याशित हार के साथ ही विनेश फोगाट का आगामी एशियाई खेलों के मुख्य दल में शामिल होने और देश के लिए पदक जीतने का सपना पूरी तरह से टूट गया है।

शुरुआती मुकाबलों में जीत और मैट पर बढ़ा तनाव

सेमीफाइनल की इस बड़ी हार से पहले विनेश फोगाट ने अपने अभियान की शुरुआत काफी मजबूत तरीके से की थी। प्रतियोगिता के पहले दौर के मुकाबले में उन्होंने हरियाणा की मजबूत प्रतिद्वंद्वी ज्योति को 7-1 के बड़े अंतर से पटखनी दी थी। इसके ठीक बाद अगले दौर के बेहद कड़े मुकाबले में विनेश का सामना निशु से हुआ। इस मैच में दोनों पहलवानों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और खेल के अंत तक दोनों का स्कोर 6-6 की बराबरी पर आ गया। हालांकि, तकनीकी मानदंडों और रेसलिंग के नियमों के आधार पर विनेश को इस मुकाबले का विजेता घोषित कर दिया गया। इस मैच के आखिरी क्षणों में निशु ने विनेश को नीचे गिराने यानी टेक डाउन करने का एक आक्रामक प्रयास किया था, लेकिन रेफरी द्वारा उन्हें इसके अंक नहीं दिए गए। रेफरी के इस निर्णय से असहमत होकर निशु के कोच ने तुरंत फैसले को चुनौती दी और रिव्यू की मांग की, परंतु जांच के बाद उनकी यह अपील खारिज हो गई। इस फैसले से राहत पाते हुए विनेश मैट से बाहर चली गईं, लेकिन निर्णय से पूरी तरह स्तब्ध और निराश निशु ने खेल भावना के विपरीत रेफरी और विनेश से हाथ मिलाने तक से साफ मना कर दिया। वह काफी देर तक मैट पर ही बेहद भावुक स्थिति में खड़ी रहीं, जिससे वहां मौजूद दर्शकों के बीच कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।

सुरक्षाकर्मियों से तीखी बहस और वजन को लेकर नया विवाद

मुख्य कुश्ती प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही खेल परिसर में काफी हंगामा और ड्रामा देखने को मिला। स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर ही विनेश फोगाट और उनके पति सोमवीर राठी की सुरक्षाकर्मियों के साथ अंदर जाने को लेकर काफी तीखी बहस हो गई। हालांकि, वहां उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों के बीच-बचाव के बाद इस पूरे मामले को शांत कराया गया और दोनों को परिसर के भीतर जाने की अनुमति मिली। इसके तुरंत बाद जब खिलाड़ियों के वजन नापने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो एक और बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आधिकारिक तौर पर विनेश का नाम शुरुआत में गलती से 50 किलोग्राम भार वर्ग की सूची में डाल दिया गया था। इस पर स्टार महिला पहलवान ने कड़ा ऐतराज जताया और साफ कहा कि वह केवल अपने पसंदीदा और पारंपरिक 53 किलोग्राम भार वर्ग में ही प्रतिस्पर्धा करना चाहती हैं।

कुश्ती संघ के अध्यक्ष का हस्तक्षेप और विनेश की नाराजगी

वजन के इस गंभीर विवाद को बढ़ता देख रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के वर्तमान अध्यक्ष संजय सिंह को खुद इस मामले में दखल देना पड़ा। उनके हस्तक्षेप और जरूरी जांच के बाद विनेश का नाम आधिकारिक तौर पर 53 किलोग्राम भार वर्ग में दर्ज किया गया, जिसके बाद ही उन्हें इस चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अंतिम अनुमति मिल सकी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जब विनेश ने मीडिया कर्मियों से बातचीत की, तो उन्होंने खेल महासंघ की इस पूरी प्रबंधन प्रणाली पर अपनी गहरी नाराजगी और असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वजन नापने की इस सामान्य प्रक्रिया के लिए भी उन्हें लगभग एक घंटे तक मानसिक रूप से परेशान होना पड़ा और मैदान पर उतरने से पहले कई तरह की प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि वह अपने स्वास्थ्य और डाइट के अनुसार खाने-पीने का सारा इंतजाम खुद अपने साथ लेकर आई थीं। विनेश ने भावुक होते हुए कहा कि वह मैट के साथ-साथ व्यवस्था के खिलाफ अपनी निजी लड़ाई भी लगातार लड़ रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेश के बाद हुआ मुकाबला

यह पूरा ट्रायल मुकाबला देश की सर्वोच्च अदालत से हरी झंडी मिलने के ठीक एक दिन बाद आयोजित किया गया। इससे पहले 28 मई को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट के इस चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष याचिका दायर की थी। हालांकि, अदालत के माननीय न्यायाधीश पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की खंडपीठ ने कुश्ती संघ की उस अर्जी को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिससे विनेश के खेल के मैदान में उतरने का कानूनी रास्ता साफ हो गया था। बाद में कुश्ती महासंघ ने भी अपनी सफाई में एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि विनेश बाकी सभी योग्य महिला पहलवानों के साथ तय समय पर वजन कराने की प्रक्रिया के लिए उपस्थित हुई थीं और उन्होंने सभी आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी की थीं। फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि खेल के सभी तय नियमों और शर्तों का पालन करने के बाद ही उन्हें इस बड़े सिलेक्शन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति प्रदान की गई थी।

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