एजेंसी, श्रीनगर। Anantnag Lal Chowk Terror Attack : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग शहर स्थित मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र लाल चौक पर बुधवार दोपहर आतंकियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर कायराना हमला कर दिया। दोपहर करीब 12:30 बजे हुए इस अचानक हमले में अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात 35 वर्षीय पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। भीड़भाड़ वाले मुख्य बाजार में हुई इस वारदात के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की कड़ी घेराबंदी कर हमलावर आतंकियों को पकड़ने के लिए व्यापक खोज अभियान शुरू कर दिया है।
STORY | Cop killed in terrorist attack in J-K’s Anantnag
A policeman was killed in an attack by terrorists in Anantnag town of Jammu and Kashmir on Wednesday, officials said.
The firing took place around 12.30 pm on Wednesday at Lal Chowk in Anantnag. They said one head… pic.twitter.com/1fUaAXKWTS
— Press Trust of India (@PTI_News) July 22, 2026
अमरनाथ यात्रा सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर गोलियों की बौछार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बडगाम जिले के निवासी हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी अन्य पुलिसकर्मियों के साथ अनंतनाग के लाल चौक पर अमरनाथ यात्रा के मार्ग और श्रद्धालुओं की सुरक्षा ड्यूटी पर मुस्तैद थे। इसी दौरान घात लगाकर आए आतंकियों ने अचानक स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिससे दोनों तरफ से कुछ देर तक तीखी मुठभेड़ हुई। हालांकि, शुरुआती गोलीबारी में ही हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें तत्काल पास के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अनंतनाग के सभी प्रवेश द्वारों पर नाकेबंदी, सेना और पुलिस का संयुक्त खोज अभियान
घटना के तुरंत बाद पूरे अनंतनाग शहर और आसपास के संवेदनशील इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की संयुक्त टुकड़ियों ने लाल चौक के सभी मुख्य रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया है। शहर में आने और बाहर जाने वाले प्रत्येक वाहन की सघन चेकिंग की जा रही है तथा राहगीरों के दस्तावेजों की गहन जांच हो रही है। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि गोलीबारी के बाद हमलावर आतंकी आसपास के रिहाइशी या व्यापारिक परिसरों में छिपे हो सकते हैं। आतंकियों की संख्या और उनके भागने की दिशा का सटीक पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
घाटी में हालिया आतंकी घटनाएं और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
अनंतनाग में हुई यह वारदात राज्य में हाल के दिनों में सामने आई आतंकी गतिविधियों की श्रृंखला का हिस्सा है:
राजौरी नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ का प्रयास: इससे पूर्व 17-18 जुलाई की मध्य रात्रि राजौरी जिले के तारकुंडी अग्रिम इलाके में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास संदिग्ध गतिविधियों के बाद भारतीय सेना ने सतर्कता बरतते हुए फायरिंग की थी। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस गतिरोध में किसी के हताहत होने की खबर नहीं थी, लेकिन सेना ने आतंकी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था।
शोपियां में लश्कर का शीर्ष कमांडर ढेर: बीते 8 जुलाई को सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली थी, जब शोपियां जिले में एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर जाकिर अहमद गनी को मुठभेड़ में मार गिराया गया था। जाकिर अहमद पहलगाम आतंकी हमले के बाद जारी किए गए 14 सबसे वांछित आतंकवादियों की सूची में प्रमुखता से शामिल था।
घाटी में अमरनाथ यात्रा को सुचारु और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए पहले से ही कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, परंतु अनंतनाग हमले के बाद पूरे दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा अलर्ट को और अधिक बढ़ा दिया गया है।
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


