एजेंसी, उन्नाव। Agra Expressway : उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर आज तड़के एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक तेज रफ्तार डबल डेकर एसी स्लीपर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भयानक दुर्घटना में एक उपनिरीक्षक (दरोगा) और एक विचाराधीन कैदी समेत सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, बल्कि तीन पुलिसकर्मियों सहित करीब पच्चीस अन्य यात्री गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह निजी बस दिल्ली से सवारियों को लेकर बिहार की तरफ जा रही थी और दुर्घटना के वक्त इसमें कुल छत्तीस लोग सवार थे। पुलिस द्वारा की गई शुरुआती छानबीन में यह आशंका जताई गई है कि अलसुबह चालक को अचानक नींद की झपकी आ जाने के कारण यह पूरी घटना घटी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस की गति बहुत तेज थी और संतुलन खोने के बाद वह सीधे कंक्रीट के डिवाइडर को तोड़ती हुई सुरक्षा रेलिंग पर जाकर अटक गई, जिससे चीख-पुकार मच गई।
Unnao, Uttar Pradesh: A double-decker bus overturned on the Agra–Lucknow Expressway in Unnao’s Auras area at km 262, killing six people, including a sub-inspector and a prisoner, and injuring 21 others. Police and UPEIDA teams carried out rescue operations, and the injured were… pic.twitter.com/YzZ7EKmWSf
— IANS (@ians_india) May 26, 2026
तेज रफ्तार बनी काल, खिड़कियों से नीचे जा गिरे मुसाफिर
यह हृदयविदारक हादसा औरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन संख्या दो सौ बासठ के पास सुबह करीब पांच बजे घटित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झटका इतना जोरदार था कि बस के परखच्चे उड़ गए और कई मुसाफिर शीशे टूटने की वजह से चलती बस की खिड़कियों से सीधे एक्सप्रेस-वे के नीचे गहरी ढलान में जा गिरे। इस भीषण टक्कर के दौरान एक बदकिस्मत यात्री का पैर शरीर से कटकर पूरी तरह अलग हो गया, जिसे बाद में एक अन्य व्यक्ति हाथ में लेकर अस्पताल पहुंचा। इस हादसे का शिकार हुए मृतकों में बिहार के सीवान पुलिस लाइन में पदस्थ दरोगा रामचंद्र राम (उम्र उनसठ वर्ष) और गुरुग्राम के रहने वाले कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर (उम्र उनसठ वर्ष) शामिल हैं। प्राप्त विवरण के अनुसार सीवान पुलिस की एक विशेष टीम बीते चौबीस मई को इस कैदी को हरियाणा के गुरुग्राम न्यायालय में एक मामले की पेशी के लिए ले गई थी और वापस लौटते समय यह हादसा हो गया। सीवान के कारागार अधीक्षक देवाशीष सिन्हा ने बताया कि कैदी छत्रपाल पिछले तीन सालों से जिला परिषद के एक क्लर्क की हत्या के आरोप में जेल में बंद था और उस पर गुरुग्राम में भी जानलेवा हमले का केस दर्ज था।
चीख-पुकार के बीच शुरू हुआ राहत कार्य, लखनऊ रेफर किए गए घायल
हादसे के तुरंत बाद पूरे एक्सप्रेस-वे पर कोहराम मच गया और ढलान वाले रास्तों पर खून से लथपथ घायल मुसाफिर दर्द से तड़पते हुए मदद की गुहार लगाने लगे। घटना की भनक लगते ही औरास थाने की पुलिस और एक्सप्रेस-वे की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। प्रशासन द्वारा करीब सात एंबुलेंस गाड़ियों की मदद से आनन-फानन में बत्तीस घायलों को पास के ही एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने छह लोगों को देखते ही मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के कमरों और फर्श पर चारों तरफ खून बिखरा हुआ था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहद गंभीर हालत को देखते हुए अधिकांश घायलों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर के लिए भेज दिया, जहां उपचार के दौरान एक और घायल ने दम तोड़ दिया, जिससे कुल मृतकों की संख्या सात तक पहुंच गई। पुलिस प्रशासन के मुताबिक इस गाड़ी में सफर करने वाले ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश के बस्ती, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर जिलों के रहने वाले थे।
यात्रियों की आपबीती और एक्सप्रेस-वे पर लंबा जाम
इस हादसे में बाल-बाल बचे हरियाणा के बल्लभगढ़ निवासी एक यात्री बृजेश कुमार ने अस्पताल में होश आने पर बताया कि वे रात के समय अपनी सीट पर सो रहे थे। अचानक एक बहुत तेज झटका लगा और ऐसा लगा जैसे कोई बड़ा धमाका हुआ हो। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाना, चारों तरफ घुप्प अंधेरा छा गया और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। वहीं इस घटना में घायल हुए सीवान पुलिस के सिपाही रामजी ने बताया कि वे लोग सोमवार की रात करीब साढ़े आठ बजे दिल्ली से गोरखपुर की तरफ रवाना हुए थे। तड़के के समय लगभग सभी मुसाफिर गहरी नींद में डूबे हुए थे, तभी अचानक एक जोरदार आवाज के साथ बस पलट गई। हादसे की खबर मिलते ही सफीपुर की क्षेत्राधिकारी (सीओ) सोनम सिंह ने भी बल के साथ मौका मुआयना किया। उन्होंने बताया कि पांच लोगों के शव घटना स्थल से ही बरामद कर लिए गए थे जबकि दो अन्य की मौत अस्पताल में हुई है। इस भीषण दुर्घटना के कारण लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर करीब आधे घंटे तक गाड़ियों के पहिए पूरी तरह थम गए और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसे बाद में पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को हटवाकर सुचारू रूप से चालू करवाया।
मृतकों की पहचान और मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख
पुलिस विभाग द्वारा अब तक पहचाने गए मृतकों में दरोगा रामचंद्र राम और कैदी छत्रपाल सिंह तोमर के अलावा सुरेश कुमार जायसवाल (निवासी मुंडेरा बाजार, गोरखपुर), विदेशी गुप्ता (निवासी मदपुर, गोरखपुर) और विजय कुमार (निवासी फारेसन गोविंदपुर, बस्ती) शामिल हैं, जबकि दो अन्य शवों की शिनाख्त के प्रयास अभी भी किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सुबह जब वे सैर के लिए निकले थे, तब उन्होंने धमाके की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर तुरंत पुलिस को फोन किया तथा खिड़कियों से शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों की मदद की। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस दर्दनाक सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पीड़ितों की हरसंभव मदद करने और घायलों को पूरी तरह से मुफ्त और बेहतर इलाज मुहैया कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं, साथ ही उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना करते हुए घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
ये भी पढ़े : बेंगलुरु में प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक, जिलेटिन स्टिक मिलने के बाद छह पुलिसकर्मी निलंबित
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


