CM Mohan Yadav

दतिया उप-चुनाव में सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा बयान : यूसीसी पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा- जब भगवान राम ने एक विवाह किया तो दूसरों को चार की इजाजत क्यों

दतिया प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, दतिया। CM Mohan Yadav on UCC : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दतिया विधानसभा उप-चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन दाखिले के अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस चुनावी अभियान को विजय अभियान का नाम देते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि यह चुनाव सीधे तौर पर राजा और रंक के बीच की विचारधारा की लड़ाई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और उसकी मानसिकता कभी भी जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाती, क्योंकि उन्हें जमीन का कोई होश नहीं है और वे पूरा आसमान खरीदने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। इस महत्वपूर्ण राजनैतिक मंच पर मुख्यमंत्री के साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कांग्रेस 80 फीसदी हिस्से से हुई लापता

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के बदलते राजनैतिक परिदृश्य को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है, जबकि इसके विपरीत देश के 80 फीसदी हिस्से से कांग्रेस पूरी तरह लापता हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी के बढ़ते प्रभाव के सामने विपक्षी दल का कहीं कोई अता-पता नहीं मिलता है। मुख्यमंत्री ने पुरानी कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस की हालत वैसी ही हो गई है जैसी रस्सी जलने पर भी उसका बल नहीं जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नाटक कांग्रेस के बड़े नेताओं के नाना, नानी और माता-पिता ने किया, वही दिखावा और नाटक आज की पीढ़ी के बड़े नेता भी कर रहे हैं और लगातार जनता को बेवकूफ बनाने का काम कर रहे हैं।

कांग्रेस शासनकाल में डाकू और नक्सलियों का था आतंक

मुख्यमंत्री ने दतिया के पुराने इतिहास और विकास की तुलना करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 1956 में पहली बार राज्य की सत्ता में काबिज हुई थी, लेकिन उसके बाद से लेकर वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय मात्र 11 हजार रुपये सालाना पर रुकी हुई थी। उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल को याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में पहले डाकू और फिर बाद में नक्सली खुलेआम खून की नदियां बहाते थे, जिस पर भी कांग्रेस के नेताओं को कभी शर्म नहीं आई। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस केवल वोट बैंक की राजनीति करना जानती है और उसे जनता की भलाई से कोई सरोकार नहीं है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में दतिया का चहुंमुखी विकास हुआ है।

लाल सलाम को आखिरी सलाम और प्रति व्यक्ति आय में भारी वृद्धि

राष्ट्र के आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य पर बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उन्हें इस बात की परम प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री के मजबूत इरादों के कारण आज देश से लाल सलाम को आखिरी सलाम कह दिया गया है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में देश के सभी क्षेत्रों में चहुंमुखी विकास की नई इबारत लिखी जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप आज प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 159 हजार रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने बिजली संकट का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय जहां रात में भी बिजली मयस्सर नहीं होती थी, वहीं आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार में दिन के उजाले में भी निरंतर बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

दतिया के विकास के लिए 100 करोड़ के कार्यों को भी दी जाएगी मंजूरी

चुनाव में कार्यकर्ताओं की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल्ली के भाग्य से कभी छींका नहीं टूटता, इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सिर्फ उम्मीदें लगाए बैठे रहें। उन्होंने कहा कि इस सीट पर कोई व्यक्ति विशेष उम्मीदवार नहीं है बल्कि स्वयं भारतीय जनता पार्टी चुनाव लड़ रही है, जिसके लिए पार्टी का चुनाव चिन्ह भगवान के समान पूजनीय है। उन्होंने दतिया की जनता को भरोसा दिलाया कि यदि यहां के निवासी 100 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की योजना भी बताएंगे, तो सरकार उसे तुरंत पूरा करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गुना-शिवपुरी क्षेत्र में भी करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन संपन्न हुआ है और हाल ही में प्रदेश को 40000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने धार्मिक पर्यटन का उल्लेख करते हुए कहा कि महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन एक बिल्कुल नए दौर में प्रवेश कर चुका है और हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि जहां-जहां भगवान श्री राम और श्री कृष्ण के चरण पड़े हैं, उस हर स्थान को भव्य तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

समान नागरिक संहिता पर कांग्रेस की चुप्पी पर खड़े किए गंभीर सवाल

दतिया की इस चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा बयान जारी किया। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता पर जोर देते हुए कहा कि जब हमारा पूरा देश एक है, हमारा विधान एक है, हमारे प्रधान एक हैं, हमारा राष्ट्रगान एक है और हमारा राष्ट्रीय निशान भी एक ही है, तो फिर समाज के अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग कानून व्यवस्था क्यों होनी चाहिए। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि आज कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दे पर खुली चर्चा करने से भी कतरा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की पूरी राजनीति विकास के एजेंडे के बजाय हमेशा जाति और धर्म के आधार पर समाज को आपस में बांटने की रही है।

भगवान राम के जीवन का उदाहरण देकर रखी एक समान कानून की मांग

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता का पुरजोर समर्थन करते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन को समाज के लिए सबसे बड़ा आदर्श बताया। उन्होंने जनसमूह के सामने सवाल उठाते हुए कहा कि जब राष्ट्र के आराध्य भगवान राम ने अपने संपूर्ण जीवन में एक पत्नी व्रत की नीति अपनाई और केवल एक ही विवाह किया, तो फिर देश के भीतर किसी दूसरे व्यक्ति को चार विवाह करने की कानूनी इजाजत क्यों दी जानी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अब समय आ गया है जब पूरे देश में एक समान कानून लागू होना चाहिए और अलग-अलग मजहबों के आधार पर अलग-अलग नागरिक नियम नहीं चल सकते। समाज में वास्तविक समानता तभी स्थापित होगी जब देश के प्रत्येक नागरिक के लिए कानून के नियम एक जैसे होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूसीसी केवल एक सामान्य कानून नहीं बल्कि देश की आंतरिक एकता, समानता और विशेषकर महिलाओं को सुरक्षा तथा उनके अधिकारों को सुदृढ़ करने का एक बड़ा प्रतीक है।

भाई-भतीजावाद बनाम सनातन संस्कृति की राजनीति पर प्रहार

अपने संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की आंतरिक व्यवस्था और टिकट वितरण प्रणाली पर भी सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि करीब 55 साल तक देश और राज्य की सत्ता का सुख भोगने वाली कांग्रेस की हमेशा से यह परंपरा रही है कि वह बड़े नेताओं के करीबियों, मित्रों और रिश्तेदारों को ही चुनाव का टिकट सौंप देती है। उन्होंने तंज कसा कि यह वंशवादी परंपरा कांग्रेस को ही मुबारक हो, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी राजा-महाराजाओं की पार्टी नहीं है बल्कि यह अपने समर्पित कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने वाली और सनातन संस्कृति की रक्षा करने वाली एक लोकतांत्रिक पार्टी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि चुनाव के समय हमारा हर एक कार्यकर्ता स्वयं में एक प्रत्याशी होता है। उन्होंने सचेत किया कि विरोधी दल बेहद चालाक है और वह जनता की आंख में धूल झोंकने की पूरी कोशिश करेगा, लेकिन हमारे जागरूक कार्यकर्ता इस सियासी खेल को पूरी तरह नाकाम करके दतिया की धरती पर ऐतिहासिक विजय हासिल करेंगे।

ये भी पढ़े : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को 1000 मिसाइल दागने की बड़ी चेतावनी, तेहरान में रहस्यमय धमाकों से मचा हड़कंप

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply