Khandwa Canal Mishap

मध्य प्रदेश में पानी का काल : खंडवा की ओंकारेश्वर नहर और टीकमगढ़ के तालाब में डूबने से छह मासूम जिंदगियां खत्म, परिवारों में मचा हाहाकार

खंडवा टीकमगढ़ प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, खंडवा। Khandwa Canal Mishap : मध्य प्रदेश के दो अलग-अलग जिलों से दिल दहला देने वाली बेहद दुखद खबरें सामने आ रही हैं, जहां पानी के तेज बहाव और गहराई ने छह लोगों की जिंदगी को असमय ही लील लिया है। पहला बड़ा और दर्दनाक हादसा खंडवा जिले में हुआ है, जहां ओंकारेश्वर बांध की मुख्य नहर में नहाने गए तीन नौजवान युवकों की गहरे पानी में डूबने से बेहद दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरा बड़ा हादसा टीकमगढ़ जिले से सामने आया है, जहां एक तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चे अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। इन दोनों ही घटनाओं ने कई हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां पल भर में छीन ली हैं, जिसके बाद से संबंधित इलाकों में भारी शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

नहाने गए थे तीन दोस्त, तेज बहाव और गहरे पानी ने बनाया शिकार

खंडवा जिले से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह पूरी दर्दनाक घटना मांधाता थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोठी के नजदीक घटित हुई। यहाँ स्थित ओंकारेश्वर बांध की मुख्य नहर में तीन युवक दोपहर के वक्त भीषण गर्मी से राहत पाने और नहाने के इरादे से उतरे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, नहर में पानी का बहाव बेहद तेज था और गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण तीनों युवक धीरे-धीरे गहरे पानी की तरफ चले गए। पानी के तेज करंट और भंवर में फंसने की वजह से तीनों खुद को संभाल नहीं पाए और देखते ही देखते नहर के भीतर समा गए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी तीनों युवक अपने घरों को वापस नहीं लौटे, तो परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने उनकी खोजबीन शुरू की। नहर के किनारे युवकों के कपड़े और सामान मिलने के बाद पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दी गई।

गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद नहर से निकाले शव

घटना की भयावहता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, मांधाता थाना पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गईं। नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने के लिए पेशेवर गोताखोरों की टीम को पानी में उतारा गया। गोताखोरों ने बेहद विषम परिस्थितियों के बीच कई घंटों तक पानी के भीतर सघन तलाशी अभियान चलाया। काफी लंबी और कठिन मशक्कत करने के बाद आखिरकार गोताखोरों की टीम ने तीनों युवकों के बेजान शरीरों को नहर के गहरे पानी से ढूंढ निकाला और उन्हें बाहर लेकर आए। शवों के पानी से बाहर आते ही वहां मौजूद परिजनों और ग्रामीणों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा।

ओंकारेश्वर फोरलेन प्रोजेक्ट में मजदूरी करते थे तीनों मृतक

पुलिस द्वारा की गई आधिकारिक शिनाख्त के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे का शिकार हुए मृतकों की पहचान भगवानदास, सुनील और अनिकेत के रूप में की गई है। स्थानीय सूत्रों से पता चला है कि ये तीनों ही गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते थे और क्षेत्र में चल रहे ओंकारेश्वर फोरलेन निर्माण परियोजना के काम में बतौर मजदूर अपनी सेवाएं दे रहे थे। ये तीनों युवक अपने परिवारों के भरण-पोषण का मुख्य सहारा थे, और इनकी अचानक हुई मौत की खबर जैसे ही इनके घरों तक पहुंची, वैसे ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मांधाता थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर तीनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और उन्हें कानूनी पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है, वहीं पुलिस हादसे के अन्य तकनीकी कारणों की भी बारीकी से तफ्तीश कर रही है।

टीकमगढ़ में एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में डूबे तीन मासूम बच्चे

खंडवा के इस बड़े हादसे के बीच मध्य प्रदेश के ही टीकमगढ़ जिले से भी एक और रोंगटे खड़े कर देने वाली दुखद घटना सामने आई है, जिसने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया है। टीकमगढ़ के एक स्थानीय ग्रामीण तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चों की भी पानी में डूब जाने से दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी बच्चे आपस में बेहद गहरे दोस्त थे और दोपहर के समय तालाब में नहाने और खेलने के लिए गए थे। नहाने के दौरान जब एक बच्चा गहरे पानी में जाकर डूबने लगा, तो उसे बचाने के लिए बाकी के दो दोस्त भी आगे बढ़े। लेकिन अफसोस, एक-दूसरे को मौत के मुंह से बाहर निकालने की इस मासूम कोशिश में तीनों ही बच्चे गहरे पानी के दलदल में फंस गए और एक-दूसरे को बचाते-बचाते तीनों की ही जलसमाधि बन गई।

इस दिल दहला देने वाले हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान 12 वर्षीय प्रिंस अहिरवार, 13 वर्षीय दीपेश अहिरवार और 13 वर्षीय राज अहिरवार के रूप में हुई है। एक ही मोहल्ले के तीन मासूम बच्चों की एक साथ मौत होने से पूरे टीकमगढ़ जिले में मातम छा गया है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में भी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अपनी वैधानिक जांच शुरू कर दी है।

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