एजेंसी, नई दिल्ली। PM Modi : भारत के राजनीतिक इतिहास में आज का दिन यानी 10 जून एक बेहद ऐतिहासिक और स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक इस सर्वोच्च पद पर बने रहने वाले पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस अभूतपूर्व और महान उपलब्धि के अवसर पर देश की केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक विशेष बैठक का आयोजन किया। इस बैठक के दौरान कैबिनेट की तरफ से एक बेहद महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल, दूरदर्शी और मजबूत नेतृत्व की जमकर सराहना की गई। मंत्रिमंडल के सभी वरिष्ठ सदस्यों ने प्रधानमंत्री की इस ऐतिहासिक कामयाबी और राष्ट्र सेवा के प्रति उनके समर्पण का सम्मान किया। कैबिनेट मंत्रियों ने अपनी जगहों पर खड़े होकर बेहद गर्मजोशी के साथ काफी देर तक तालियां बजाईं और प्रधानमंत्री मोदी को इस शानदार कीर्तिमान के लिए बधाई व शुभकामनाएं दीं।
I thank the Chief Ministers and leaders of the NDA for their warm wishes. The NDA’s journey has been defined by a shared resolve to further national interest and regional aspirations. This spirit has strengthened our democracy, deepened cooperative federalism and accelerated… pic.twitter.com/NTHsws4rSk
— Narendra Modi (@narendramodi) June 10, 2026
पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का बरसों पुराना रिकॉर्ड हुआ ध्वस्त
इस ऐतिहासिक पड़ाव को पार करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के मुखिया के तौर पर अपने बेहद सफल और गौरवशाली 12 साल पूरे कर लिए हैं। लोकतांत्रिक तरीके से जनता द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री के रूप में अब उनका कुल कार्यकाल 4,399 दिनों का हो चुका है। इस विशाल समयावधि के साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बरसों पुराने रिकॉर्ड को पूरी तरह से पीछे छोड़ दिया है। इस कूटनीतिक तुलना के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के साल 1952 के बाद के कार्यकाल को मुख्य आधार माना गया है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि देश में साल 1951-52 में पहले आम चुनाव आयोजित होने से पहले, यानी साल 1947 से लेकर 1952 के बीच के समय में उन्होंने देश की एक अंतरिम सरकार का नेतृत्व किया था, जो पूर्ण रूप से चुनी हुई सरकार नहीं थी।
इंदिरा गांधी के कार्यकाल से क्यों अलग है प्रधानमंत्री मोदी का यह कीर्तिमान
अगर देश के राजनीतिक इतिहास पर नजर डाली जाए तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी देश के प्रधानमंत्री के रूप में 14 साल से अधिक समय तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी। लेकिन उनके और प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में एक बहुत बड़ा अंतर यह है कि इंदिरा गांधी का वह कार्यकाल लगातार नहीं था, बल्कि बीच में उसमें बिखराव आया था। इस लिहाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के समूचे इतिहास में लगातार बिना किसी रुकावट के सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन चुके हैं। उन्होंने साल 2014 में अपने पहले ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह से इस यात्रा की शुरुआत की थी, जिसके बाद साल 2019 में देश की जनता ने उन्हें दोबारा प्रचंड बहुमत देकर सत्ता सौंपी और फिर साल 2024 के आम चुनाव में लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जनादेश हासिल करके उन्होंने देश की कमान संभाली।
मोदी सरकार के दौर में हुआ आधुनिक भारत के नए बुनियादी ढांचे का निर्माण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस 12 साल के गौरवशाली कार्यकाल के दौरान देश ने बुनियादी ढांचे और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में कई अभूतपूर्व और बड़े बदलाव देखे हैं। इस दौरान देश में कई ऐसे विशाल और आधुनिक प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की गई जिन्होंने भारत की तस्वीर और तकदीर को पूरी तरह बदल दिया। इनमें देश का नया और भव्य संसद भवन, लुटियंस दिल्ली का सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना, राजपथ का नया स्वरूप यानी कर्तव्य पथ, देश की पहली आधुनिक और स्वदेशी वंदे भारत ट्रेनें, दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, समंदर का सिकंदर कहा जाने वाला स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस विक्रांत, कश्मीर को कन्याकुमारी से जोड़ने वाला बेहद जटिल कश्मीर रेल लिंक, एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार बढ़ाने वाली नमो भारत आरआरटीएस और उत्तर प्रदेश की प्रगति को रफ्तार देने वाला विशाल गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।
भारत मण्डपम में एनडीए के दिग्गज नेता मनाएंगे महा-जश्न
इस महान और ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए बुधवार को देश की राजधानी दिल्ली में एक बेहद अहम और बड़ी बैठक आयोजित करने जा रहा है। केंद्र में एनडीए सरकार के शानदार 12 साल पूरे होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने के इस गौरवशाली पल का जश्न दिल्ली के आलीशान भारत मंडपम में बहुत धूमधाम से मनाया जाएगा। इस महा-बैठक में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के तमाम शीर्ष नेताओं के साथ-साथ एनडीए गठबंधन के शासन वाले सभी 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सहयोगी दलों के सभी प्रमुख राष्ट्रीय नेता और पदाधिकारी एक मंच पर मौजूद रहेंगे।
भविष्य की नीतियों और आगामी चुनावी रणनीतियों पर तैयार होगा रोडमैप
सूत्रों से मिल रही बेहद पुख्ता जानकारियों के अनुसार, भारत मंडपम में होने वाली इस एनडीए की बड़ी बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने की इस ऐतिहासिक और कूटनीतिक उपलब्धि हासिल करने पर विशेष रूप से सम्मानित और अभिवादित किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम में देश के गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और एनडीए के अन्य दिग्गज नेता मुख्य रूप से शिरकत करेंगे। यह बैठक केवल जश्न मनाने के लिए नहीं है, बल्कि इसके जरिए गठबंधन की पिछले 12 सालों की महान उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाने, भविष्य की जनकल्याणकारी नीतियों और प्राथमिकताओं को तय करने के साथ-साथ आने वाले समय की राजनीतिक और चुनावी चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत और अचूक रोडमैप तैयार करने पर भी बहुत गहन चर्चा की जाएगी। मुख्य रूप से देश के सुशासन से जुड़ी नई पहलों और विकास कार्यक्रमों को गति देने पर भी वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत होगी।
ये भी पढ़े : दुबई में भीषण सड़क हादसा : बीच रास्ते में रुके ट्रक से टकराई मिनीबस, 7 भारतीय प्रवासियों की दर्दनाक मौत
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


