एजेंसी, लंदन। Ireland Riots : यूरोप के दो प्रमुख देशों, आयरलैंड और ब्रिटेन में इस वक्त नस्लीय और प्रवासी विरोधी हिंसा की बेहद भयावह आग भड़क उठी है। बेलफास्ट शहर में एक स्थानीय आयरिश मूल के व्यक्ति का बेरहमी से सिर काटने की कोशिश की घटना के बाद शुरू हुआ आक्रोश बुधवार को देखते ही देखते एक बेहद उग्र और बड़े पैमाने पर फैले प्रवासी विरोधी दंगों में तब्दील हो गया। इस हिंसक उबाल के चलते आयरलैंड और ब्रिटेन के एक दर्जन से भी अधिक शहरों और संवेनदशील इलाकों में भारी हिंसा, आगजनी, और खुलेआम दुकानों को लूटे जाने की दिल दहला देने वाली वारदातें सामने आई हैं। उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट शहर और उसके आसपास के तमाम रिहायशी इलाकों में चेहरे पर नकाब पहने हजारों उपद्रवियों की हिंसक भीड़ ने प्रवासियों के घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक बसों और निजी कारों को चुन-चुनकर अपना निशाना बनाया है।
The scenes in Belfast last night were shocking and completely unacceptable.
There is no justification for the violence and disorder that we saw threatening our communities, nor for those who encouraged it, online or elsewhere.
It is clear that people were targeted last night…
— Keir Starmer (@Keir_Starmer) June 10, 2026
कई शहरों में पेट्रोल बमों से हमला और फूंक दी गईं दुकानें
दंगाइयों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने बेलफास्ट के न्यूटाउनार्ड्स रोड पर सड़कों के बीचों-बीच खड़ी दर्जनों गाड़ियों को पूरी तरह से आग के हवाले कर दिया। शहर के शैंकिल नामक इलाके में नकाबपोश दंगाइयों ने दो बड़ी व्यावसायिक दुकानों में घुसकर जमकर लूटपाट मचाई और वहीं पास में स्थित एक अफ्रीकी मूल के प्रवासी की दुकान पर पेट्रोल बम फेंककर उसे पूरी तरह से खाक कर दिया। हिंसा की यह तपिश सिर्फ आयरलैंड तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि ब्रिटेन की राजधानी लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर और स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में भी प्रवासी विरोधी मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच जमकर हिंसक झड़पें और पत्थरबाजी हुई है, जिससे इन देशों की आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह चरमरा गई है।
सूडानी शरणार्थी द्वारा चाकूबाजी का वीडियो वायरल होने पर भड़की हिंसा
इस पूरे व्यापक और हिंसक उपद्रव की मुख्य शुरुआत बेलफास्ट शहर में सरेराह हुई एक बेहद खौफनाक चाकूबाजी की घटना के बाद हुई। जानकारी के मुताबिक, सूडान देश से आए एक शरणार्थी का किसी बात को लेकर एक स्थानीय आयरिश व्यक्ति के साथ तीखा विवाद हो गया था। इसी मामूली बहस के बीच सूडानी नागरिक हादी ने अचानक एक धारदार चाकू निकाला और सरेआम उस आयरिश व्यक्ति का गला काटने का जानलेवा प्रयास किया। इस जानलेवा हमले में 40 वर्षीय स्थानीय आयरिश व्यक्ति बुरी तरह से जख्मी हो गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस पूरी वारदात का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया, जिसके तुरंत बाद स्थानीय लोगों और संगठनों ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन करने की खुली अपीलें जारी कर दीं।
पेरिस के रास्ते डबलिन पहुंचा था आरोपी हादी अलोदिद
स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों द्वारा की गई शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि चाकूबाजी की इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी, जिसका नाम हादी अलोदिद है, वह मूल रूप से सूडान का रहने वाला है। वह अवैध रास्तों से होते हुए पहले सूडान से फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचा था, और फिर वहां से भागकर आयरलैंड के डबलिन शहर में दाखिल हुआ था। साल 2023 में उसने बेलफास्ट का रुख किया और वहां की सरकार से राजनीतिक शरण की मांग की थी। कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, उसे ब्रिटेन सरकार की तरफ से साल 2028 तक वहां रहने की आधिकारिक अनुमति भी मिल चुकी थी, जिसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
सोशल मीडिया पर दक्षिणपंथियों की अपील और इलॉन मस्क का समर्थन
इस जानलेवा हमले के बाद दक्षिणपंथी और धुर प्रवासी विरोधी संगठनों ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर इस विवाद को और ज्यादा हवा दी। ब्रिटेन के बेहद कट्टरपंथी और प्रवासी विरोधी नेता टॉमी रॉबिनसन ने इस घटना का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए पूरे ब्रिटेन और आयरलैंड के नागरिकों से सामूहिक रूप से ‘सड़कों पर उतरने’ और व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह करने की आक्रामक अपील की। इस डिजिटल अपील का असर यह हुआ कि कुछ ही घंटों में मास्क पहने और हथियारों से लैस हजारों लोगों की अनियंत्रित भीड़ ने कानून अपने हाथ में ले लिया। वहीं दूसरी तरफ, दुनिया के दिग्गज और मशहूर कारोबारी इलॉन मस्क ने भी सोशल मीडिया पर अपनी एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी की और कहा कि व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए इस तरह के जोरदार और आक्रामक प्रदर्शन बेहद जरूरी होते हैं। इसके साथ ही ब्रिटेन की रिफॉर्म यूके पार्टी ने इस पूरी हिंसा को सरकार की ढीली और कमजोर आव्रजन नीति का नतीजा बताते हुए प्रवासियों के वीजा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की अपनी पुरानी मांग को फिर से दोहराया है।
प्रवासियों में भारी दहशत, सुरक्षा कारणों से रोकी गई नमाज
दंगाइयों के इस हिंसक और डरावने तांडव के कारण बेलफास्ट की सड़कों पर ‘विदेशियों को देश से बाहर निकालो’ जैसे डरावने और नस्लीय नारे गूंज रहे हैं। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि वहां रहने वाले कई विदेशी परिवारों को अपनी जान बचाने के लिए रातों-रात अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। स्थानीय पादरी जैक मैकी ने मीडिया को बेहद दुखी मन से बताया कि कई निर्दोष लोग सिर्फ इसलिए अपना आशियाना छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं क्योंकि वे इस देश के मूल निवासी नहीं हैं। सुरक्षा की इसी बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए सैंडी रो इलाके में मौजूद सूडानी मूल के दुकानदारों ने दिन के उजाले में ही अपनी दुकानें बंद कर दीं, और बेलफास्ट इस्लामिक सेंटर ने किसी भी अप्रिय घटना और सुरक्षा के मद्देनजर अपनी शाम की सामूहिक नमाज को पूरी तरह से रोक दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर वहां की सांसद क्लेयर हन्ना ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए उद्योगपति इलॉन मस्क और रिफॉर्म यूके के प्रमुख नाइजल फराज समेत कई बड़े नेताओं को इस सुनियोजित हिंसा और नफरत फैलाने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
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