एजेंसी, नई दिल्ली। अमेरिका के साथ समझौते की जानकारी को लेकर मंगलवार को राज्यसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। विपक्ष ने कहा कि यह जो समझौता हुआ है, इसकी जानकारी वाशिंगटन से आ रही है। विपक्ष ने नारेबाजी के बाद सदन का बहिष्कार किया। वहीं, नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस व विपक्ष का यह व्यवहार एक तरह से गैर राष्ट्रवादी व्यवहार है। इन्हें देश से कुछ लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह एंटी नेशनल है।
दरअसल, अमेरिका के साथ हुई डील का मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में उठाया गया। विपक्ष ने इस विषय को लेकर हंगामा किया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा कि यह जो समझौता हुआ है, उसके बारे में हमें वाशिंगटन से जानकारी मिल रही है। उन्होंने इस स्थिति पर प्रश्न उठाया और कहा कि यह क्या हो रहा है। विपक्ष का कहना था कि सरकार द्वारा इस बारे में जानकारी नहीं दी गई, जबकि अमेरिका ने इसको लेकर जानकारी सार्वजनिक की है। वहीं, राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने इसके जवाब में कहा, “कल (सोमवार) देर रात अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने टैरिफ के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत कराया। उन्होंने प्रधानमंत्री के बारे में, एक सच्चे दोस्त के बारे में भी पोस्ट में चर्चा की। इसके बाद प्रधानमंत्री ने जवाब देते हुए उनका धन्यवाद किया।
उन्होंने भारत व अमेरिका के ट्रेड के बारे में, जो भारत और अमेरिका के संबंध हैं, उसकी चर्चा की है।” राज्यसभा में बोलते हुए नड्डा ने कहा कि सरकार पूरी ट्रेड डील के बारे में राज्यसभा को जानकारी देगी। इस संबंध में संबंधित विभाग के मंत्री सदन को जानकारी देंगे। उन्होंने विपक्ष के हंगामे को लोकतंत्र के लिए काफी घातक बताया। जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष का यह व्यवहार गैर जिम्मेदाराना है। हम विपक्ष के प्रत्येक सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। यह विपक्ष की हताशा है, जिस कारण वे इस प्रकार शोर-शराबा कर रहे हैं।हालांकि, विपक्ष जेपी नड्डा के बयान से संतुष्ट नहीं हुआ और नारेबाजी-हंगामे के बीच सदन का बहिष्कार किया। वहीं, जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस और उनके सहयोगियों का व्यवहार बहुत ही निंदनीय है। इन्हें न देश के विकास में कोई रुचि है, न ही व्यापार के विकास को लेकर कोई रुचि है। ये केवल हर विषय पर राजनीति करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि पहले यह कहते रहे कि ट्रंप का जवाब दीजिए, 50 प्रतिशत टैरिफ लग गया है। आज जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने सूमोटो स्टेटमेंट पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री की तारीफ की और कहा कि मैं उनका सच्चा दोस्त हूं। ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी उनकी तरह एक मजबूत नेता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर रहे हैं। जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार किसी भी बात पर चर्चा करने से पीछे नहीं हटती है। मैंने आज भी विपक्ष को कहा कि सरकार आज ही इस पूरे विषय पर सदन में जानकारी देगी। विपक्ष ने ‘जी राम जी’ पर चर्चा की, हमने उस पर चर्चा की और एसआईआर पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आप देश में एक वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं कि सरकार कुछ छुपा रही है, सरकार चर्चा नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। विपक्ष का यह बहुत गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है। विपक्ष का यह एक तरह से गैर राष्ट्रवादी व्यवहार है। इन्हें देश से कुछ लेना-देना नहीं है, यह एंटी नेशनल है।
हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित : आसन की ओर कागज उछालने के मामले में कांग्रेस समेत विपक्ष के आठ सदस्य निलंबित
लोकसभा में मंगलवार को आसन के समीप कागज उछालकर सदन की अवमानना करने के मामले में कांग्रेस के सात सदस्यों और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक सांसद को वर्तमान बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर जारी चर्चा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का उल्लेख करने का प्रयास करने के मुद्दे पर बैठक तीन बार स्थगित होने के बाद अपराह्न तीन बजे शुरू हुई तो पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आसन की अवज्ञा करने के लिए कांग्रेस सदस्यों अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरदीप सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और मणिकम टैगोर तथा माकपा सांसद एस वेंकटेशन के नाम लिए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आठों सदस्यों का नाम लेते हुए सदन में प्रस्ताव रखा कि सदन की अवमानना करने और महासचिव तथा लोकसभा अधिकारियों की मेजों के पास आकर कागज उछालकर आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए उक्त सभी सदस्यों को नियम 374 (2) के तहत संसद के वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया जाए। सदन ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जिसके बाद बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सदस्यों ने सदन में राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं मिलने के मुद्दे पर नारेबाजी करते हुए आसन के समीप कागज उछालकर फेंके थे। राहुल गांधी ने मंगलवार को सदन में नरवणे की पुस्तक पर आधारित लेख को सत्यापित करते हुए सदन के पटल पर रखा। उन्होंने फिर से नरवणे के संस्मरण और चीन के साथ टकराव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसका चीन तथा पाकिस्तान के साथ संबंध है और यह राष्ट्रपति के अभिभाषण का प्रमुख हिस्सा है। आसन से उन्हें आगे बोलने की अनुमति नहीं दी गई।


