एजेंसी, नई दिल्ली। 9 July Weather Alert UP MP : देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर तेजी से करवट ले ली है और भारी बरसात का सिलसिला शुरू हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक बेहद सशक्त और सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र यानी वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया बन चुका है। इस मजबूत मौसमी सिस्टम के सीधे प्रभाव से 9 जुलाई को देश के कई प्रमुख राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की गई है। हालांकि मौसम विभाग का यह भी अनुमान है कि 9 जुलाई से मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश की इन तीव्र गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आने लगेगी।
IMD Weather Warning !
A Well-Marked Low Pressure Area over Southwest Uttar Pradesh is set to bring extremely heavy rainfall to parts of West Uttar Pradesh (09 July) and Uttarakhand (09–10 July).
🌧️ Stay weather-aware. Avoid unnecessary travel to flood-prone areas and follow… pic.twitter.com/4ad9GlKUVF
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 9, 2026
मध्य और पूर्वोत्तर भारत में अत्यधिक वर्षा की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि पश्चिम मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और असम-मेघालय के कुछ चुनिंदा इलाकों में प्रकृति का उग्र रूप देखने को मिल सकता है और वहाँ अत्यधिक भारी वर्षा होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कुछ दिनों तक व्यापक स्तर पर वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है। विशेष रूप से असम और मेघालय में 8 जुलाई को ही अत्यंत भारी बारिश को लेकर लोगों को सतर्क कर दिया गया था।
उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों का हाल
उत्तर भारत के मौसम की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में 8 से 14 जुलाई तक कई स्थानों पर लगातार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा पंजाब, Haryana, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी अलग-अलग दिनों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वर्षा होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग ने खास चेतावनी देते हुए कहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 जुलाई को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने के साथ भारी बारिश का खतरा बना हुआ था।
मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में येलो अलर्ट
मध्य भारत के इलाकों में पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 से 10 जुलाई तक लगातार भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है, जिसमें पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 8 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा का अलर्ट भी शामिल था। इसके साथ ही विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भी आने वाले दिनों में रुक-रुक कर बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। पूर्वी भारत की तरफ रुख करें तो बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में भी बादलों का डेरा रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा की संभावना थी, जबकि बिहार में 9 और 10 जुलाई को आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिण भारत और मछुआरों के लिए प्रशासन की गाइडलाइन
पश्चिमी और दक्षिणी भारत के तटीय इलाकों जैसे कोंकण-गोवा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 8 जुलाई को ही अत्यधिक वर्षा की आशंका जताई थी। इस खराब मौसम और उफनते समुद्र को देखते हुए मौसम विभाग ने एक विशेष परामर्श जारी किया है। इसके तहत अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में चलने वाली तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को समुद्र की गहराई में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
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