Ram Mandir trust

अयोध्या राम मंदिर विवाद : गोपाल राव का बड़ा दावा, बोले- ट्रस्ट से हटाया नहीं गया, केवल कुछ समय के लिए बैठकों से दूर रहने को कहा गया

उत्तर प्रदेश देश/प्रदेश

एजेंसी, अयोध्या। Ram Mandir trust dispute : उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवादों के बीच एक नया और बड़ा मोड़ सामने आया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हाई-लेवल बैठक के बाद, ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य गोपाल नागरकट्टे उर्फ गोपाल राव ने बुधवार को पहली बार मीडिया के सामने आकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। गोपाल राव ने पत्रकारों से बात करते हुए उन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया जिनमें उनके निष्कासन की बातें कही जा रही थीं। उन्होंने स्पष्ट रूप से दावा किया कि उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से स्थाई तौर पर निष्कासित या हटाया नहीं गया है, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए केवल कुछ समय के लिए ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठकों और आधिकारिक कार्यवाहियों से दूर रहने की सलाह दी गई थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चढ़ावे की हेराफेरी से संबंधित आरोपों को छोड़कर उनके खिलाफ लगाए गए अन्य सभी आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं।

विवाद के बाद दो सदस्यों ने नैतिक आधार पर दिया इस्तीफा, जिसे ट्रस्ट ने किया स्वीकार

राम मंदिर परिसर में हुए इस कथित वित्तीय विवाद के सामने आने के बाद पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए गोपाल राव ने प्रशासनिक और संगठनात्मक स्तर पर हुए बदलावों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर कुछ विशेष रूप से आमंत्रित सदस्य शामिल होते हैं। जैसे ही मंदिर के भीतर इस वित्तीय गड़बड़ी का विवाद गहराया और सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से बातें सामने आईं, वैसे ही दो प्रमुख सदस्यों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वेच्छा से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए उन दोनों सदस्यों के इस्तीफे को तुरंत प्रभाव से स्वीकार भी कर लिया था।

नई टीम के कार्यभार संभालने तक व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे गोपाल राव

गोपाल राव ने मीडिया के सामने ट्रस्ट की आंतरिक बैठक में लिए गए फैसलों का ब्योरा देते हुए कहा कि विवाद के बढ़ने के बाद सभी वरिष्ठ सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया था कि निष्पक्ष जांच पूरी होने तक मुझे कुछ दिनों के लिए ट्रस्ट की रोजमर्रा की कार्यवाहियों और बैठकों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे संगठन के इस फैसले का पूरा सम्मान करते हैं और मंदिर प्रशासन द्वारा बनाई जा रही नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने में अपना पूरा सहयोग देंगे। राव ने आगे स्पष्ट किया कि जैसे ही नई प्रशासनिक टीम अपना पूरा कार्यभार संभाल लेगी, वे स्वयं इस व्यवस्था से पूरी तरह अलग हो जाएंगे। उन्होंने देश-विदेश के श्रद्धालुओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि मंदिर की सभी व्यवस्थाएं बेहद सुचारू और पारदर्शी तरीके से काम कर रही हैं, इसलिए लोग सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।

भगवान राम का सोना, चांदी और भक्तों का दान पूरी तरह सुरक्षित

इस संवेदनशील मामले में करोड़ों राम भक्तों की आस्था का ध्यान रखते हुए गोपाल राव ने एक बेहद महत्वपूर्ण दावा किया। उन्होंने बेहद जिम्मेदारी के साथ कहा कि प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में चढ़ाया गया एक-एक ग्राम सोना, चांदी और श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित किया गया भारी-भरकम नकद दान पूरी तरह से सुरक्षित है और उसमें किसी भी प्रकार की कोई बड़ी हेराफेरी नहीं हुई है। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि जो कोई भी व्यक्ति या एजेंसी इस बात की सत्यता की जांच करना चाहती है, वह आधिकारिक नियमों के तहत मंदिर के रिकॉर्ड और खजाने को पूरी तरह सत्यापित कर सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कथित चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियों पर कहा कि पकड़े गए 8 आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना स्थानीय पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसमें ट्रस्ट का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं है।

कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि का अलग बयान और चंपत राय का इस्तीफा

भले ही गोपाल राव खुद को हटाए जाने की बात से इनकार कर रहे हों, लेकिन ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के आधिकारिक बयान कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। गोपाल राव के इस मीडिया इंटरव्यू से ठीक 1 दिन पहले ट्रस्ट की ओर से एक बड़ा आधिकारिक बयान जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा द्वारा सोमवार को आयोजित हुई आपातकालीन बैठक में दिए गए इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है और अब वे ट्रस्ट के सक्रिय सदस्य नहीं रहे हैं। इसके साथ ही, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने स्पष्ट शब्दों में मीडिया को बताया था कि राम मंदिर ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से कड़ा कदम उठाते हुए गोपाल राव को मुख्य प्रशासक के पद और विशेष रूप से आमंत्रित सदस्यों की आधिकारिक सूची से पूरी तरह हटाने का अंतिम निर्णय ले लिया है।

गोपाल राव ने खाली किया सरकारी आवास, वाहन पास भी किया सरेंडर

इस पूरे सियासी और धार्मिक घटनाक्रम के बीच राम मंदिर के आंतरिक सूत्रों से कई बड़ी जानकारियां छनकर बाहर आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को गोपाल राव ने मंदिर परिसर के भीतर स्थित अपने आधिकारिक वीआईपी आवास को पूरी तरह से खाली कर दिया है और वे अपना सारा सामान लेकर कारसेवक पुरम में बने एक सामान्य कमरे में स्थानांतरित हो गए हैं। इसके अलावा, प्रशासनिक कड़ाई को देखते हुए राव ने मंदिर के अति-सुरक्षित परिसर में बेरोक-टोक प्रवेश करने के लिए उन्हें जारी किया गया विशेष वाहन पास भी सुरक्षा अधिकारियों को सरेंडर कर दिया है। आवास खाली करने के बाद बुधवार को ही गोपाल राव ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि से एक बंद कमरे में लंबी मुलाकात की, जिसे इस विवाद को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी कर रही है 40 दिनों की दान-चोरी की गहन जांच

अयोध्या के इस बहुचर्चित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बिना कोई वक्त गंवाए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया था, जो अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस अब तक कुल 8 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसआईटी की शुरुआती जांच और प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, जांचकर्ताओं ने पिछले 40 दिन की अवधि के भीतर मंदिर के दान पात्रों से चोरी के लगभग 70 संदिग्ध और सिलसिलेवार मामलों की पहचान की है। सरकारी एजेंसियां अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि इस पूरे रैकेट में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा मंदिर के किन-किन बड़े अधिकारियों की मौन सहमति या भूमिका थी। इसके साथ ही एसआईटी मंदिर की दान-गिनती प्रणाली और खजाने की सुरक्षा में रही गंभीर प्रक्रियात्मक व सुरक्षा खामियों की भी बारीकी से तकनीकी ऑडिट कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी चूक दोबारा न हो सके।

ये भी पढ़े : दमिश्क में फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के होटल के पास दो भीषण धमाके, हमले के बावजूद सीरिया का कूटनीतिक दौरा रहेगा जारी

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply