गेहूं खरीद

मध्यप्रदेश के किसानों को बड़ी राहत : अब 23 मई तक बेच सकेंगे समर्थन मूल्य पर गेहूं, मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे केंद्रों की निगरानी

देश/प्रदेश प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों को बड़ी राहत : मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की समय-सीमा को एक बार फिर विस्तारित कर दिया है। अब राज्य के किसान 23 मई 2026 तक अपनी फसल की बिक्री के लिए स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे और अनाज केंद्रों पर पहुंचा सकेंगे। इससे पहले शासन ने अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई निर्धारित की थी, जिसे अब और आगे बढ़ाते हुए किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है। यह निर्णय उन किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा जो किन्हीं कारणों से अब तक अपनी फसल का विक्रय नहीं कर पाए थे।

मुख्यमंत्री द्वारा खरीदी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण और संवाद

उपार्जन प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं मैदान में उतरेंगे। वे आगामी दिनों में किसी भी समय प्रदेश के विभिन्न खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री सीधे किसानों से चर्चा करेंगे और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेंगे। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि केंद्रों पर किसानों के लिए शीतल पेयजल, बैठने हेतु छायादार स्थान और बिना किसी अनावश्यक विलंब के तौल सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री के इस सक्रिय हस्तक्षेप का उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना और किसानों को उनका उचित लाभ दिलवाना है।

तौल कांटों की संख्या में वृद्धि और त्वरित निस्तारण

केंद्रों पर अनाज की आवक और भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बुनियादी ढांचे में सुधार के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर कम से कम 6 तौल कांटे रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे स्थानीय आवश्यकता और अनाज की मात्रा के आधार पर कांटों की संख्या में और अधिक वृद्धि कर सकते हैं। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसानों को अपनी ट्रॉली खाली करने के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े और तौल की प्रक्रिया तीव्र गति से संपन्न हो सके।

व्यवस्था की निगरानी हेतु प्रभारी अधिकारियों की तैनाती

खरीदी केंद्रों पर प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक समर्पित प्रभारी अधिकारी की नियुक्ति करने के आदेश जारी किए गए हैं। ये अधिकारी आगामी खरीद अवधि के दौरान केंद्रों पर उपस्थित रहकर संपूर्ण व्यवस्था की सूक्ष्म निगरानी करेंगे। इनका उत्तरदायित्व यह सुनिश्चित करना होगा कि स्लॉट बुकिंग के अनुसार ही किसानों की आवक हो और उन्हें किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक समस्या का सामना न करना पड़े। शासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण कर ली जाएं ताकि अंतिम दिनों में भीड़ बढ़ने पर भी व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

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