हरदा। हरदा जिले के बैरागढ़ गांव स्थित पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार को हुए विस्फोट के बाद प्रशासन ने 11 मौतों को आखिरी आंकड़ा बताते हुए बुधवार को ही बचाव अभियान पूर्ण होने की घोषणा कर दी थी, लेकिन यह गलत साबित हुई। पटाखा फैक्ट्री से कुछ ही दूरी पर गुरुवार सुबह एक मकान से महिला का शव बरामद किया गया। इसके बाद फिर आसपास के घरों और खेतों में तलाशी अभियान चलाया गया। विस्फोट स्थल पर पोकलेन से खोदाई के दौरान बड़ी मात्रा में पीला विस्फोटक मिलने के बाद अमला सतर्क हो गया। मौके पर टैंकरों से पानी डाला गया। इस बीच चार लापता श्रमिकों के स्वजन परेशान भटक रहे हैं। उनका दावा है कि श्रमिक फैक्ट्री में ही गए थे लेकिन उनका पता नहीं चल रहा है। इधर, बड़े हादसे के बाद सक्रिय हुए प्रशासन ने जिले में आठ पटाखा फैक्ट्रियों को सील किया है। एक और शव मिलने के बाद मरने वालों को संख्या 12 हो गई है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डा. मनीष शर्मा ने बताया कि 10 शवों की पहचान हो चुकी है। दो की शिनाख्त नहीं हुई है।
लग गया विस्फोटक का ढेर
पटाखा फैक्ट्री के उत्तर दिशा में गुरुवार सुबह पोकलेन मशीन से खोदाई शुरू हुई। कुछ देर तक ईंट, बोल्डर और लोहे के सरियों सहित अन्य मलबा निकलता रहा। करीब आधा घंटा बाद बड़ी मात्रा में पीला विस्फोटक मिलने लगा। कुछ ही देर में करीब 50 किलो पीले विस्फोटक का ढेर लग गया। विस्फोटक को पानी से गीला कर उसके ऊपर मिट्टी और मुरम डालकर दबाया गया। उधर, घटनास्थल से करीब दो किमी दूर रहटाखुर्द में आरोपित सोमेश अग्रवाल की दूसरी फैक्ट्री में सूख रहे रस्सी बम सहित पटाखों को फायर ब्रिगेड टीम ने पानी से गीला कर नष्ट किया। बता दें कि बैरागढ़ में आरोपित राजेश अग्रवाल व सोमेश अग्रवाल की दो-दो पटाखा फैक्ट्रियां विस्फोट से पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। प्रशासन ने इन फैक्ट्रियों के शासन के दिशा-निर्देशों और मापदंडों का पालन नहीं करने को लेकर कार्रवाई की बात कही है।
धमाके से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे शुरू
प्रशासन ने पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे दल आसपास के घरों तक जाकर वहां विस्फोट की घटना के कारण हुई क्षति का आकलन कर रहे हैं। प्रभारी कलेक्टर रोहित सिसोनिया ने बताया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को शासन के प्रविधानों के अनुसार हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।


