एजेंसी, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं और किसानों के हित में कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ शुरू करने का फैसला किया है, जिसके तहत चयनित युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपए का मानदेय दिया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शासन और सुशासन की कार्यप्रणाली से रूबरू कराना है।
4 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा इंटर्नशिप का मौका इस प्रोग्राम के जरिए मध्य प्रदेश के 4 हजार 165 युवाओं को इंटर्न के रूप में काम करने का अवसर मिलेगा। सरकार ने तय किया है कि प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) से पारदर्शिता के साथ करीब 15-15 युवाओं का चयन किया जाएगा। इन युवाओं को ब्लॉक स्तर पर सरकारी योजनाओं की निगरानी, जमीनी फीडबैक जुटाने और यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी कि लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है या नहीं। पहले साल के प्रदर्शन के आधार पर इनकी नियुक्ति को अगले तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया का संचालन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान करेगा।
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किसानों के लिए बोनस और नि:शुल्क रजिस्ट्री का ऐलान कैबिनेट ब्रीफिंग में एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश की 46 लाख संपत्तियों की रजिस्ट्री बिल्कुल नि:शुल्क की जाएगी। इसका 3 हजार करोड़ रुपए का स्टाम्प शुल्क खुद राज्य सरकार वहन करेगी। इसके अलावा, किसानों के लिए गेहूं पर 40 रुपए और उड़द दाल पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया गया है। अब किसानों को गेहूं के लिए कुल 2626 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।
पर्यटन और उद्योग क्षेत्र में भी बड़े फैसले सरकार ने पचमढ़ी को ‘ग्रीन डेस्टिनेशन’ के रूप में और अधिक संवारने का फैसला लिया है। साथ ही, ‘एक जिला एक उत्पाद’ को बढ़ावा देने के लिए सात विभागों की विभिन्न योजनाओं को साल 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 33 हजार 240 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। इसके तहत सीधी की दरी, दतिया का गुड़ और भोपाल की जरी जैसे पारंपरिक उद्योगों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, कटनी, मैहर और निमड़ानी में ईएसआई के नए भवनों और 51 पदों की स्वीकृति भी दी गई है, जिसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।


