एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। सरकार ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित कर दिया है, जिससे दक्षिण भारत के पर्यटन और व्यापार को वैश्विक पहचान मिलेगी। इसके साथ ही, ग्रामीण भारत के हर घर तक नल से जल पहुँचाने वाले ‘जल जीवन मिशन’ की समय सीमा को बढ़ाकर अब दिसंबर 2028 तक कर दिया गया है।
कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि सरकार ने कुल 8.69 लाख करोड़ रुपये की विशाल परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
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कैबिनेट के 5 मुख्य फैसले:
जेवर एयरपोर्ट के लिए नया एक्सप्रेस-लिंक: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 31.42 किलोमीटर लंबी एक नई ग्रीनफील्ड सड़क बनाई जाएगी। 3,630.77 करोड़ रुपये की इस परियोजना में 11 किलोमीटर का हिस्सा एलीवेटेड होगा। इससे फरीदाबाद, गुरुग्राम और दक्षिण दिल्ली के यात्रियों के लिए जेवर एयरपोर्ट तक का सफर बेहद तेज और आसान हो जाएगा।
रेलवे नेटवर्क का कायाकल्प: पश्चिम बंगाल और झारखंड के पाँच जिलों में रेलवे की दो नई मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है। लगभग 4,474 करोड़ रुपये की लागत से सैंथिया-पाकुड़ और संतरागाछी-खड़गपुर के बीच चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी। 2030-31 तक पूरे होने वाले इन प्रोजेक्ट्स से माल ढुलाई तेज होगी और बोलपुर-शांतिनिकेतन जैसे पर्यटन स्थलों की राह आसान होगी।
जल जीवन मिशन 2.0: सरकार ने इस मिशन के दूसरे चरण को मंजूरी देते हुए इसका बजट बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। अब लक्ष्य है कि दिसंबर 2028 तक देश के 12.6 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन सुनिश्चित किया जाए।
नेशनल हाईवे और एलीवेटेड रोड: सड़क कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए बदनावर-थांदला-तिमरवानी (एनएच 752डी) को फोर-लेन में तब्दील करने की मंजूरी दी गई है। साथ ही जेवर एयरपोर्ट को नोएडा और फरीदाबाद से जोड़ने वाली एलीवेटेड रोड के निर्माण को भी अनुमति मिल गई है।
मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा: मदुरै हवाई अड्डे को इंटरनेशनल स्टेटस मिलने से दक्षिण तमिलनाडु के आर्थिक विकास को नई उड़ान मिलेगी। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले इस शहर में अब विदेशी पर्यटकों और व्यापारियों की आवाजाही बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य साल 2047 तक देश में कुल 350 हवाई अड्डे तैयार करने का है, जिसमें मदुरै एक प्रमुख गेटवे की भूमिका निभाएगा।


