एजेंसी, भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने राज्य के विकास और किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए भोपाल में फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफटीआरआई) खोलने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। यह संस्थान बजट के सटीक आकलन और आर्थिक रिसर्च पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसका शुरुआती संचालन प्रशासन अकादमी से किया जाएगा। इसके साथ ही मोहन कैबिनेट की बड़ी सौगात है की शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के छात्रों की स्कॉलरशिप में भारी बढ़ोतरी की है।
किसानों के लिए खुशखबरी: मसूर और चने की सरकारी खरीद
मोहन कैबिनेट ने किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए फसलों की खरीदी का बड़ा फैसला लिया है। सरकार अब प्रदेश के किसानों से उत्पादित मसूर की शत-प्रतिशत खरीदी करेगी, जबकि चने के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत हिस्सा खरीदा जाएगा। मसूर का समर्थन मूल्य 5800 रुपये और चने का 5000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके लिए सरकार ने 3174 करोड़ रुपये का बजट सुरक्षित किया है। साथ ही प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूं की खरीदी भी शुरू हो जाएगी, जिसमें छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उज्जैन एयरपोर्ट और सिंचाई परियोजनाओं को गति
सिंहस्थ कुंभ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में एयरपोर्ट के विकास के लिए मोहन सरकार ने 590 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। यह पैसा मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण के लिए इस्तेमाल होगा, जबकि निर्माण का कार्य केंद्र सरकार की ‘उडान’ योजना के तहत किया जाएगा। इसके अलावा, मंदसौर जिले के गांधी सागर बांध से जुड़ी कातन सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दी गई है। 88.41 करोड़ रुपये की इस योजना से 120 गांवों के हजारों परिवारों को लाभ मिलेगा और करीब 3500 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी।
दलित छात्रों को अब 10 हजार रुपये महीना स्कॉलरशिप
शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अनुसूचित जाति के ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों के लिए स्कॉलरशिप राशि में पांच गुना वृद्धि की है। पहले इन छात्रों को 2000 रुपये प्रति माह मिलते थे, जिसे अब बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे महंगाई के दौर में छात्रों के लिए एक आवश्यक मदद बताया है। साथ ही 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों और ब्लॉकों में भव्य कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभिन्न विभागों की पुरानी योजनाएं रहेंगी जारी
मोहन कैबिनेट ने प्रदेश के सुचारू विकास के लिए कई पुरानी योजनाओं को निरंतर चालू रखने का निर्णय लिया है। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 4672 करोड़, वन विभाग की परियोजनाओं के लिए 5215 करोड़ और कमर्शियल टैक्स विभाग की योजनाओं के लिए 2952 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी साझा किया कि हाल ही में केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को नए फोरलेन मार्गों और टाइगर कॉरिडोर जैसी बड़ी सौगातें दी हैं, जिससे प्रदेश के पर्यटन और व्यापार को नई मजबूती मिलेगी।
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