मोजतबा खामेनेई

ईरान में नए युग की शुरुआत : मोजतबा खामेनेई बने अगले सर्वोच्च नेता, डोनाल्ड ट्रंप ने नियुक्ति को किया खारिज

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एजेंसी, ईरान। अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। वह अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह लेंगे, जो 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका के हवाई हमले में मारे गए थे। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान की विशेषज्ञों की परिषद ने सोमवार तड़के अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा खामेनेई को इस्लामिक क्रांति का तीसरा सर्वोच्च नेता घोषित किया। परिषद ने एक बयान में कहा कि अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की मृत्यु के तुरंत बाद, युद्ध की स्थिति और भारी खतरों के बावजूद, नया नेता चुनने में कोई देरी नहीं की गई।

परिषद ने अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करते हुए तेजी से एक विशेष बैठक बुलाई और उत्तराधिकारी के नाम पर मुहर लगा दी। 8 सितंबर 1969 को मशहद में जन्मे मोजतबा खामेनेई, अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। 88 सदस्यों वाली विशेषज्ञों की परिषद ने अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध शुरू होने के लगभग एक सप्ताह बाद उन्हें देश का नया सर्वोच्च नेता नामित किया है। अली खामेनेई की मौत के बाद से तीन सदस्यों वाली एक अस्थायी समिति देश का कामकाज देख रही थी, जिसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई शामिल थे। ईरानी सेना, सरकारी अधिकारियों और आम जनता ने अब मोजतबा खामेनेई के प्रति अपनी वफादारी की शपथ ली है।

सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने पुष्टि की है कि वे दुश्मनों की साजिशों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। 56 वर्षीय शिया धर्मगुरु मोजतबा खामेनेई को ईरानी सत्ता गलियारों की सबसे ताकतवर हस्तियों में गिना जाता है और उन्हें ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (आईआरजीसी) का बेहद करीबी माना जाता है। विशेषज्ञों की परिषद ने ईरानी जनता से नए नेता के समर्थन में एकजुट रहने की अपील की है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें खामेनेई का बेटा स्वीकार्य नहीं है।

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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह नियुक्ति उनकी इच्छा के विपरीत हुई, तो ईरान का नया नेता ज्यादा समय तक अपने पद पर नहीं रह पाएगा। इस बीच, सऊदी अरब ने सोमवार को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने अरब देशों पर हमले जारी रखे, तो उसे अब तक का सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। यह बयान सऊदी अरब के शायबा तेल क्षेत्र पर हुए नए ड्रोन हमले के बाद आया है। सऊदी अरब ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले रोक दिए हैं। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि जमीनी हकीकत राष्ट्रपति के भाषण से अलग है और ईरान बिना किसी ठोस वजह के आक्रामकता दिखा रहा है।

ईरान में मोजतबा खामेनेई का चयन ऐसे समय में हुआ है जब देश अमेरिका और इजराइल के साथ भीषण संघर्ष में उलझा हुआ है। हालांकि ईरान के भीतर कुछ राजनैतिक हलकों में सर्वोच्च नेता के पद को वंशानुगत बनाने की आलोचना भी हुई है, लेकिन विशेषज्ञों की परिषद ने कट्टरपंथी विचारधारा रखने वाले मोजतबा को ही प्राथमिकता दी। अब ईरान के सैन्य बलों और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े तमाम बड़े फैसले मोजतबा के हाथों में होंगे। माना जा रहा है कि वह परमाणु हथियार बनाने की दिशा में अपने पिता से भी अधिक आक्रामक रुख अपना सकते हैं। इजराइल ने पहले ही घोषणा कर दी है कि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता भी उसके निशाने पर होगा।

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