एजेंसी, रायपुर। राज्यसभा की खाली सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव को लेकर राजनैतिक हलचल काफी बढ़ गई है। देश के 10 राज्यों की कुल 37 सीटों के लिए 16 मार्च को वोट डाले जाने हैं। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को बेहतर ढंग से संपन्न कराने और निगरानी के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अलग-अलग राज्यों के लिए अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों के नामों की घोषणा कर दी है।
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पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक की अहम जिम्मेदारी दी है। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को भी इस कार्य के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया है। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होना है, लेकिन मैदान में छह उम्मीदवारों के होने की वजह से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की तरफ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व विधायक शिवेश कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने अपना पर्चा भरा है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल ने एडी सिंह को मैदान में उतारा है। पांचवीं सीट के लिए खींचतान बढ़ने से अब मतदान की स्थिति बन गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अपने दिग्गज नेताओं को चुनावी तालमेल बिठाने की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने हरियाणा के लिए गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, वहीं ओडिशा की जिम्मेदारी महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चन्द्रशेखर बावनकुले को दी गई है। भाजपा नेतृत्व को भरोसा है कि इन वरिष्ठ नेताओं की नियुक्ति से चुनाव के दौरान बेहतर समन्वय बना रहेगा।


