एजेंसी, भोपाल/उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के कायाकल्प का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने उज्जैन को 664 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा से ठीक पहले मिली इन सौगातों में सबसे महत्वपूर्ण बदनावर से 8-लेन सुपर एक्सप्रेस हाईवे और गुजरात के द्वारका से असम तक बनने वाला 3839 करोड़ का नेशनल हाईवे है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह नया मार्ग गुजरात के सोमनाथ और उज्जैन के महाकाल को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ देगा, जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन आसान हो जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंहस्थ की भव्यता को देखते हुए वर्ष 2026-27 के लिए 3600 करोड़ रुपये के नए कार्यों का प्रावधान किया गया है। आज हुए भूमि-पूजन समारोह में विक्रम आरओबी, सड़कों का चौड़ीकरण और नए सीसी रोड सहित कई अहम बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही उज्जैन में 77 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भव्य ‘गीता भवन’ का भी शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के नगरीय निकायों में गीता भवन और गांवों में आदर्श ग्राम व ‘वृंदावन ग्राम’ विकसित करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।
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किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों के लिए भी बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले सवा साल में दूध उत्पादन में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे पशुपालकों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने ‘माता यशोदा’ योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत अब स्कूली बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट दिए जाएंगे। इसके अलावा मेधावी छात्रों को स्कूटी, लैपटॉप और साइकिल वितरण का लाभ भी दिया जा रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ये विकास कार्य उज्जैन के सांस्कृतिक अभ्युदय का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि गीता भवन जैसी संरचनाएं नई पीढ़ी को सनातन ज्ञान और भारतीय संस्कारों से जोड़ने का काम करेंगी। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहे इन कार्यों से धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।


