मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स की घोषणा की : हरियाखेड़ी जल परियोजना का भूमिपूजन किया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स की घोषणा की : हरियाखेड़ी जल परियोजना का भूमिपूजन किया

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एजेंसी, उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन के हरियाखेड़ी में 1133.67 करोड़ रुपए की जल आवर्धन परियोजना का वेद मंत्रोच्चार के साथ भूमिपूजन किया। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 16 वाहनों और पांच अन्य गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने मंच से उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा कि भगवान धन्वंतरि से जुड़े ऐतिहासिक महत्व के कारण यह संस्थान उज्जैन में ही स्थापित किया जाएगा। उन्होंने संदीपनी आश्रम, मंगलनाथ मंदिर, शनि मंदिर, चिंतामन गणेश मंदिर और अंगारेश्वर मंदिर क्षेत्र में विकास कार्य कराने की भी घोषणा की।

सीएम ने कहा कि हरियाखेड़ी योजना के तहत 17 नई पानी की टंकियां बनाई जाएंगी, जिससे भविष्य में जल आपूर्ति सुचारु रहेगी। इसके अलावा नागझिरी और निनोरा क्षेत्र में रेडीमेड गारमेंट सेक्टर के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। यहां कार्य करने वाली महिलाओं को सरकार की ओर से 5 हजार रुपए तक की सहायता दी जाएगी। कालिदास अकादमी में शेड निर्माण और मार्च में साइंस कॉलेज परिसर में 1200 सीटों की क्षमता वाले गीता भवन के लोकार्पण की भी घोषणा की गई। साथ ही उज्जैन-पीथमपुर रोड के भूमि पूजन की बात भी कही। भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री कालिदास अकादमी पहुंचे। इस दौरान पूर्व मंत्री पारस जैन, महापौर मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष कलावती यादव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

हरियाखेड़ी और गंभीर पर 2 नए इंटेक वेल बनेंगे
हरियाखेड़ी एवं गंभीर पर 2 नए इंटेक वेल का निर्माण किया जा रहा है। अंबोदिया (70 एमएलडी), गौघाट (80 एमएलडी) एवं हरियाखेड़ी (100 एमएलडी) में नए जल शोधन संयंत्रों का निर्माण होगा। जिनकी क्षमता 250 एमएलडी होगी। उक्त जल शोधन यंत्री से मौजूदा 7 जल शोधन संयंत्रों (कुल 151 एमएलडी क्षमता) को मजबूत एवं उन्नत किया जाएगा।

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17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे
परियोजना अंतर्गत 600 से 3000 किलो लीटर क्षमता के 17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे। योजना अंतर्गत 708 किमी पाइप लाइन रहेगी। जिसमें लगभग 534 किलोमीटर लंबा नया वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा और पुरानी एसीपी पाइपलाइन भी बदली जाएगी।

49,087 नए घरेलू कनेक्शन दिए जाएंगे
शुद्ध पानी के लिए 150 से 800 मिमी व्यास की क्लियर वॉटर पाइपलाइन (लगभग 136 किलोमीटर) बिछाई जाएगी। पानी के लिए 900 से 1300 मिमी व्यास की रॉ वॉटर पाइपलाइन (लगभग 39.75 किलोमीटर) का निर्माण किया जाएगा।

योजना में 20 गांव भी शामिल
सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन शहर की प्रभावी जनसंख्या लगभग 9.65 लाख तथा मेला क्षेत्र की अस्थायी जनसंख्या लगभग 21.83 लाख अनुमानित है। दिव्य राजसी स्नान के दिनों में एक ही दिन में लगभग 228 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। उज्जैन के निकट बसे लगभग 20 ग्रामों को भी योजना में शामिल किया गया है। ये ग्राम नगरीय विस्तार क्षेत्र में स्थित होने के कारण भविष्य में जल मांग में महत्वपूर्ण योगदान करेंगे। उक्त परियोजना सिंहस्थ 2028 के बाद उज्जैन शहर की वर्ष 2055 तक की जल आपूर्ति जरूरतों को पूर्ण करने में सक्षम होगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पौधारोपण भी किया।

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