मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मप्र की बड़ी भूमिका, दुनियाभर में चमकेगा भारत का फार्मा सेक्टर- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मप्र की बड़ी भूमिका, दुनियाभर में चमकेगा भारत का फार्मा सेक्टर- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एजेंसी, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़े कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में भारत आज पूरी दुनिया के लिए दवाइयों का मुख्य केंद्र बन चुका है। अब विश्व भारत को सिर्फ एक बड़े बाजार के रूप में नहीं देखता, बल्कि एक बेहद भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर और आर्थिक महाशक्ति मान रहा है। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि देश को इस मुकाम पर पहुंचाने में मध्यप्रदेश अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। राज्य में हेलियन कंपनी अपनी पहली बड़ी उत्पादन इकाई लगाने जा रही है, जिसके लिए उसने पीथमपुर को चुना है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार की बेहतरीन औद्योगिक नीतियों के कारण ही आज वैश्विक कंपनियां मध्यप्रदेश की तरफ आकर्षित हो रही हैं और यह भरोसा ही राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है।

पीथमपुर में नई यूनिट से खुलेगा तरक्की का रास्ता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रिमोट का बटन दबाकर हेलियन ग्रुप की इस नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का डिजिटल शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि इस नए प्रोजेक्ट के शुरू होने से राज्य के लगभग 1000 लोगों को रोजगार के नए और बेहतर अवसर मिलेंगे। खास बात यह है कि कंपनी ने इस प्लांट में 30 प्रतिशत महिलाओं को नौकरी देने का फैसला किया है, जो राज्य सरकार के महिला सशक्तिकरण के अभियान को और मजबूत करेगा। कंपनी ने शुरुआत में यहाँ 2 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है। मुख्यमंत्री ने कंपनी के अधिकारियों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस निवेश को और बड़े स्तर तक ले जाया जाएगा। इस मौके पर कंपनी के वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी ब्रायन मैकनामारा सहित देश-विदेश के कई बड़े अधिकारी और राजनयिक मौजूद थे।

दवा उत्पादन और निर्यात में मध्यप्रदेश का दबदबा

डॉ. मोहन यादव ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत दवा उत्पादन के मामले में दुनिया में तीसरे नंबर पर है। मध्यप्रदेश में ही इस समय 300 से ज्यादा बड़ी दवा कंपनियां और 30 से अधिक जरूरी सॉल्ट बनाने वाली इकाइयां काम कर रही हैं। यहाँ बनने वाली दवाइयां अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका सहित दुनिया के कई बड़े देशों में भेजी जा रही हैं। राज्य से होने वाले कुल निर्यात में अकेले फार्मा सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत है। इंदौर, पीथमपुर, मंडीदीप, भोपाल, देवास और उज्जैन जैसे इलाके अब बड़े फार्मा क्लस्टर के रूप में स्थापित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि साल 2024 में ब्रिटेन में हुए निवेश सम्मेलन के दौरान जो बातचीत शुरू हुई थी, वह आज जमीन पर सच साबित हो रही है।

40 एकड़ में फैलेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्लांट

कंपनी के बड़े अधिकारियों ने बताया कि वे मध्यप्रदेश सरकार के काम करने के तरीके और तालमेल से बेहद प्रभावित हैं। करीब 40 एकड़ जमीन पर बनने वाली यह नई यूनिट कंपनी के वैश्विक नेटवर्क का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। हेलियन कंपनी दुनिया की जानी-मानी हेल्थकेयर कंपनियों में से एक है, जो ओरल हेल्थ, दर्द निवारक दवाइयां और विटामिन्स जैसे उत्पाद बनाती है। पीथमपुर के इस आधुनिक पार्क में बनने वाले प्रोडक्ट्स न सिर्फ भारत की जरूरतों को पूरा करेंगे, बल्कि इन्हें एशिया और मध्य-पूर्व के देशों में भी भेजा जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट के आने से आसपास के छोटे उद्योगों, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कारोबारियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

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