एजेंसी, जबलपुर। मध्यप्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बाघों के लिए प्रस्तावित फोरलेन टाइगर कॉरिडोर बनाने का काम तेजी से शुरु कर दिया है। जबलपुर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 23 अगस्त को इस कॉरिडोर का ऐलान किया था।
5500 करोड़ की लागत से बनेगा 961 किमी
इस प्रोजेक्ट पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने काम शुरु कर दिया है। जो कि 961 किमी लंबा होगा, इस प्रोजेक्ट की लागत 5500 करोड़ रुपए है। हर टाइगर रिजर्व को जोड़ने के लिए एक फोरलेन तैयार किया जाएगा। बता दें कि, राज्य के चारों टाइगर रिजर्व को कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच को सीधे जबलपुर जोड़ा जाएगा।
टू-लेन सड़क फोरलेन में होगी अपग्रेड
जबलपुर को कान्हा नेशनल पार्क से जोड़ने वाला मंडला-चिल्फी हाईवे टू लेन है। जिसे फोरलेन में अपग्रेड किया जाना है। साथ ही जबलपुर-रायपुर नेशनल हाईवे, जो मंडला से होकर गुजरता है। उसे चिल्फी तक फोरलेन में बदला जाएगा। और 25 किलोमीटर दूर बम्हनी तक फोरलेन सड़क बनाकर कान्हा से जोड़ा जाएगा। इस तब्दीली के बाद जबलपुर से कान्हा की दूरी कम होगी।
सतना तक बनेगा फोरलेन
सतना से मैहर तक फोरलेन किया जाएगा। जबकि जबलपुर से मैहर तक फोरलेन पहले से जुड़ी हुई है। सतना और पन्ना को जोड़ने के लिए 88 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनाया जाएगा। नए कॉरिडोर के निर्माण से सतना और जबलपुर के बीच 10-15 किलोमीटर का फासला कम हो जाएगा।
12 किमी की सड़क को फोरलेन में तब्दील किया जाएगा
पेंच टाइगर रिजर्व तक सड़क की ज्यादातर फोरलेन है। खबासा से पेंच तक के 12 किलोमीटर के हिस्से को फोरलेन में बदला जाएगा। साथ ही कटनी से उमरिया के बांधवगढ़ के बीच 80-85 किलोमीटर के हिस्से को फोरलेन में बदला जाएगा।


