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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : कांग्रेस विधायक का चुनाव रद्द कर भाजपा के पूर्व मंत्री को विजयी घोषित किया

ग्वालियर देश/प्रदेश प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने विजयपुर विधानसभा उपचुनाव 2024 से जुड़ी एक याचिका पर ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन निरस्त कर दिया है। अदालत ने पाया कि प्रत्याशी ने नामांकन पत्र भरते समय अपने शपथ पत्र में आपराधिक मामलों की सही जानकारी छिपाई और गलत घोषणा की। इसके कारण उनका चुनाव शून्य घोषित कर दिया गया। अदालत ने इसके साथ ही चुनाव याचिका दायर करने वाले पूर्व मंत्री और दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक घोषित कर दिया है।

न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मुकेश मल्होत्रा ने शपथ पत्र में लंबित आपराधिक मामलों में आरोप तय होने की जानकारी छिपाई और यह गलत घोषणा की कि आरोप तय नहीं हुए हैं। अदालत ने इसे मतदाताओं से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना माना। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रिया में प्रत्याशी द्वारा अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है ताकि जनता सही आधार पर अपना फैसला ले सके। मुकेश मल्होत्रा ने दो लंबित मामलों में न केवल आरोपों की जानकारी छिपाई बल्कि उनकी प्रकृति के बारे में भी गलत तथ्य पेश किए। अदालत के अनुसार यह आचरण मतदाताओं को भ्रमित करने वाला है। सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि एक मामले में महिलाओं सहित तीन लोगों के साथ मारपीट के गंभीर आरोप थे, जबकि शपथ पत्र में इसे महज मामूली विवाद बताया गया था।

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कोर्ट ने माना कि प्रत्याशी को इन मामलों की पूरी जानकारी थी और वह कानून की पढ़ाई भी कर चुका है, इसलिए यह नहीं माना जा सकता कि यह गलती अनजाने में हुई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि लंबित मामलों में आरोप तय होने की जानकारी छिपाना चुनावी प्रक्रिया को दूषित करता है और मतदाताओं के स्वतंत्र मताधिकार के अधिकार में बाधा डालता है। यह कृत्य जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है। हाईकोर्ट ने यह भी साफ किया कि ऐसे मामलों में यह साबित करना जरूरी नहीं है कि जानकारी छिपाने से चुनाव के परिणाम पर वास्तव में क्या असर पड़ा। यदि प्रत्याशी ने जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए हैं, तो इसे मतदाताओं के अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा। इन तथ्यों के आधार पर मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन रद्द कर दिया गया। साथ ही, यह देखते हुए कि चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे भाजपा उम्मीदवार रामनिवास रावत को सबसे अधिक वैध मत मिले थे, अदालत ने उन्हें विजयपुर विधानसभा क्षेत्र का निर्वाचित विधायक घोषित करने का आदेश दिया। अदालत ने चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों को इस आदेश के अनुसार आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

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