एजेंसी, नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर जिले में एक विस्फोटक बनाने वाली फैक्टरी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। 18 लोगों की जान लेने वाले इस विस्फोट के मामले में पुलिस ने कंपनी के नौ निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों द्वारा सोमवार को दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई सुरक्षा नियमों की अनदेखी के चलते की गई है।
कलमेश्वर पुलिस ने इस घटना के संबंध में ‘एसबीएल एनर्जी लिमिटेड’ के कुल 21 निदेशकों और शेयरधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। अब तक इनमें से नौ लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। बता दें कि कटोल तहसील के राउलगांव में स्थित इस कारखाने की डेटोनेटर पैकिंग इकाई में एक जबरदस्त धमाका हुआ था, जिसकी चपेट में आने से कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई और 24 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से कई की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।
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नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक डॉ. हर्ष पोद्दार ने बताया कि पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन तथा सुरक्षा से जुड़ी अन्य तकनीकी जांच समितियों की शुरुआती रिपोर्ट में कंपनी के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और बड़ी लापरवाही बरतने की बात सामने आई है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर पुलिस ने कंपनी प्रबंधन पर शिकंजा कसा है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों से फिलहाल पूछताछ की जा रही है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि शवों की स्थिति अत्यंत खराब हो गई थी, जिसके कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। मृतकों की सही पहचान के लिए उनके परिजनों के डीएनए के नमूने लिए जा रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच करने के आदेश दिए हैं ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके।


