एजेंसी, नई दिल्ली। ‘इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स’ (आईएटीओ) ने रविवार को जानकारी दी कि खाड़ी देशों में बढ़ते सैन्य तनाव और हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों के कारण विमानों की बुकिंग रद्द करने और यात्रा की तारीखें आगे बढ़ाने के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस संकट का सबसे व्यापक असर उन हवाई मार्गों पर पड़ा है जो भारत को यूरोप से जोड़ते हैं और खाड़ी देशों के प्रमुख हवाई केंद्रों से होकर गुजरते हैं।
यात्रियों की मदद के लिए सक्रिय हुई संस्थाएं
संस्था के अध्यक्ष रवि गोसाईं ने बताया कि देशभर के ट्रैवल एजेंट यात्रियों की परेशानियों को कम करने के लिए विमानन कंपनियों और विदेशी सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए अब वैकल्पिक हवाई रास्तों, बुकिंग में बदलाव और पैसा वापसी की प्रक्रियाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
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धैर्य बनाए रखने की अपील
उन्होंने कहा कि हालांकि वर्तमान में अनिश्चितता का माहौल है, लेकिन उम्मीद है कि स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी। यात्रियों को परामर्श दिया गया है कि वे अपने एजेंटों के साथ नियमित रूप से संपर्क बनाए रखें और घबराकर अपनी बुकिंग रद्द न करें। रवि गोसाईं ने स्पष्ट किया कि अधिकांश विमानन कंपनियां यात्रियों को उचित विकल्प और बेहतर समाधान प्रदान कर रही हैं।
हवाई क्षेत्र बंद होने से उपजा संकट
इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच गहराते संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय विमानों के परिचालन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है और उड़ानों की समय सारिणी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई है।


