देश की सुरक्षा व्यवस्था में कमर कसकर तैयार मध्य प्रदेश शासन

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6 और 7 अप्रैल की दरमियानी रात में जब देश के सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर छेड़ा, तब मध्य प्रदेश शासन भी उस सुरक्षा व्यवस्था में कमर कसकर तैयार दिखाई दिया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सरकार द्वारा सभी राज्यों को यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी संवेदनशील स्थानों पर अभी से सतर्कता बरती जाए। विभागीय अमलों और आम नागरिकों को युद्ध की अवस्था में सुरक्षित रहने एवं दूसरों को खतरे से बाहर निकलना के प्रशिक्षण दिए जाएं। आपातकालीन स्थिति में हम खरे साबित हों, इसके लिए व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएं। उनके माध्यम से आत्म अवलोकन किया जाए कि हम और हमारे बंदोबस्त सुरक्षा व्यवस्थाओं के मद्दे नजर कितने तैयार हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इन निर्देशों के तहत बेहद सतर्क दिखाई दिए और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर निगरानी करते रहे। यह तो सभी जानते हैं कि पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते बेहद नाजुक मोड़ पर आ चुके हैं। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हमारे दो दर्जन से अधिक निर्दोष व्यक्तियों को उनका धर्म पूछ पूछ कर मारा जाना हमारे लिए दुख और आक्रोश का विषय बन चुका है। देश की जनता और सभी विपक्षी दल इस बात के लिए एक मत नजर आए की अब केंद्र सरकार को पाकिस्तान और खासकर वहां बैठे आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। जैसी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्य प्रणाली है, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के तहत उन सभी ठिकानों पर आक्रमण किया, जहां आतंकवादियों को ट्रेनिंग दी जाती है, दूसरे देशों पर आतंक मचाने के लिए उन्हें तैयार किया जाता है। ऐसे में शत्रु देश की ओर से क्या कार्रवाई हो सकती है, इस बारे में भी हमें तैयार रहना चाहिए। इसमें कोई संदेह नहीं कि हमारे देश के सुरक्षा बल हर परिस्थिति के लिए सदैव तैयार रहते हैं और अभी भी पाकिस्तान की ओर से किसी भी प्रकार की हिमाकत की जाती है तो निश्चित ही हमारे सुरक्षा बल उसे मुंहतोड़ जवाब देने वाले हैं। लेकिन जब युद्ध की स्थिति बनती है और देश को आपातकालीन हालातो से रूबरू होना पड़ता है, तब नागरिकों को भी इसके लिए प्रशिक्षित होना आवश्यक हो जाता है । हमारे आंतरिक हालातो को संभालने वाली पुलिस को भी और अधिक बेहतर कार्य प्रणाली हेतु सज्ज करना होता है। इसी के साथ वह हवाई अड्डे हों, रेलवे स्टेशन हों, बस स्टैंड हों, बड़े धार्मिक स्थल हों, ऐसी जगहों पर ऐतिहासिक कदम उठाने होते हैं, ताकि यदि परिस्थितियां संवेदनशील बनें तो हमें ज्यादा नुकसान न पहुंचे। इसके लिए नागरिकों के स्तर पर भी प्रशिक्षण संबंधी तैयारियां करनी होती हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस मामले को लेकर बेहद एहतियात बरती और जिन जिलों में इस तरह की कार्रवाई आवश्यक थी वहां उसे पूरी ईमानदारी से अंजाम दिया गया। साथ में यह मॉनिटरिंग भी की जाती रही कि शासकीय इंतजामों के बीच कहीं कोई चूक तो नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की इसी सावधानी के चलते बहुत से हवाई अड्डों पर मॉक ड्रिल की गई। जहां उन तैयारी को परखा गया कि यदि विशेष परिस्थितियों में कहीं आग लग जाती है तो लोगों को कैसे बचाया जाएगा। किसी प्रकार का आघात हो जाता है तो वहां से नागरिकों को कैसे बाहर निकाला जाएगा तथा इन आपातकालीन हालातो से कैसे निपटा जाएगा। इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की गईं और यह सुनिश्चितता किया गया कि यदि ऐसे हालात बनते हैं तो हम हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। इन सभी तैयारियां और अवलोकनों के तहत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जिस तरह से तत्पर और सतर्क नजर आए, यह बेहद सराहनीय पहल है। किसी भी देश की सुरक्षा तभी सुनिश्चित की जा सकती है जब उस देश का प्रत्येक प्रदेश और जनप्रतिनिधि नागरिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर सावधानी बरते और दूसरों को भी सावधान रहना सिखाए। इन अपेक्षाओं पर हमारा मध्य प्रदेश खरा साबित होगा, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में वर्तमान तैयारी को देखकर ऐसा विश्वास किया जा सकता है।

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