सावन का महीना शुरू होते ही अब त्योहारों का मौसम प्रारंभ हो चला है। मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार इस परिदृश्य को ध्यान रखते हुए एकदम अलर्ट मोड पर है। जबकि रोजगार के मामले में मोहन कैबिनेट द्वारा सूझबूझ पूर्ण निर्णय लिए जाकर उन मेहनतकश लोगों का ध्यान रखा गया है, जो संविदा कर्मी होकर अथवा ठेका पद्धति पर सेवा करके अस्थाई नौकरियों में स्वयं को लंबे समय से खपा रहे हैं। बात त्योहार से शुरू करते हैं। प्रदेश समेत देश भर में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इसी के साथ सावन के महीने की शुरुआत हो गई। गुरु पूर्णिमा के ही एक कार्यक्रम को संबोधित करने डॉक्टर मोहन यादव भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय में पहुंचे थे। वह उन्होंने विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण तो किया ही साथ में छात्रों को निशुल्क साइकिलों का वितरण भी कर दिया। इसी के साथ प्रदेश भर में छात्राओं को चार लाख से अधिक निशुल्क साइकिलें वितरित करने का कार्यक्रम आगाज पड़ गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गुरु की महिमा पर प्रकाश डाला। अपने उद्बोधन में उन्होंने गुरु वेदव्यास से लेकर शिक्षक शिक्षिकाओं के उस मान सम्मान को रेखांकित किया जिसे और अधिक तवज्जो की आवश्यकता है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा को आगे बढ़ाया जा रहा है। विद्यार्थियों को कम खर्च में रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों की संख्या और उनमें सीटों की उपलब्धता में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस अवसर पर उन्होंने महू सहित तीन विद्यालयों में उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था के लिए मैं 5-5 लाख रुपये देने की घोषणा भी। उन्होंने बताया कि टॉप करने वाले विद्यार्थियों को सरकार इलेक्ट्रिक स्कूटी देगी। वहीं, अगले साल 12वीं में मेरिट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख से अधिक लैपटॉप वितरित किए जाएंगे। कल से सावन का महीना शुरु होने जा रहा है और मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ऐलान किया कि अगले महीने रक्षाबंधन के अवसर पर सभी लाड़ली बहनों को 1250 की राशि के साथ शगुन के 250 भी अलग से दिए जाएंगे। इस प्रकार सभी बहनों को इस महीने 1250 के स्थान पर 1500 रुपए मिलने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की धर्म परायण मंशा के चलते ही उज्जैन में सोमवार को स्कूलों का अवकाश घोषित किया जा चुका है। जबकि रविवार को कक्षाएं लगा करेंगी । उल्लेखनीय है कि सावन और भादो के महीने में वहां बाबा महाकाल की सवारी बड़े पैमाने पर निकाली जाती है। जिसे देखने के लिए देश और विदेश के अनेक हिंदू धर्मावलंबी उज्जैन में एकत्रित होते हैं। मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनियों में हजारों लोग कई सालों से संविदा कर्मी अथवा आउटसोर्स कर्मियों के रूप में काम कर रहे हैं। जाहिर है इन्हें अपनी मेहनत के अनुरूप पारिश्रमिक नहीं मिल पाता। नौकरी अस्थाई होने के चलते इनके आर्थिक शोषण की आशंकाएं बनी रहती हैं। बीते रोज संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में डॉक्टर मोहन यादव की सरकार ने निर्णय लिया है कि अब विद्युत वितरण कंपनियों में 49263 नए पद मंजूर किए जा रहे हैं। इन पदों पर भर्ती किए जाते समय इस बात का ध्यान रखा जाएगा की जो लोग पहले से ही विद्युत वितरण कंपनियों में संविदा अथवा आउट सोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे हैं, उनको नई भर्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि जिस प्रकार शिक्षा विभाग में शिक्षाकर्मी या गुरुजी को नई भर्तियों में प्राथमिकता मिलती है, उसी प्रकार विद्युत वितरण कंपनियों में भी वर्षों से काम कर रहे अच्छे लोगों को आयु में छूट मिलेगी। साथ में 20 अंक बोनस के मिलेंगे। जल्दी ही नई भर्ती नीति बनाई जाएगी, जिसमें यह प्रावधान शामिल किए जाएंगे। ताकि संविदा कर्मियों और आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे लोगों को प्राथमिकता मिल सके। एक और बड़ा निर्णय यह लिया गया है कि मध्य प्रदेश में उन किसानों को राहत मिलने जा रही है, जो समय पर जल कर नहीं चुका पाए, फल स्वरुप उनके ऊपर पेनल्टी लग गई है। ज्ञात हो कि राज्य सरकार विभिन्न नहरों के माध्यम से किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराती है। इसके बदले में नाम मात्र का जलकर वसूला जाता है। लेकिन अनेक किसान वह भी समय पर नहीं भर पाते। तब मूल राशि पर पेनल्टी लग जाती है। इस बार पेनल्टी के नाम पर कुल राशि 84 करोड़ 17 लाख रुपए बनती है। किसानों ने का हित ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस पेनल्टी को माफ करते हुए व्यवस्था दी है कि जो किसान एक मुश्त मूल राशि जमा कराएंगे उन्हें इस सुविधा का लाभ मिलने जा रहा है।


