एजेंसी, केरल। केरल लेप्टोस्पायरोसिस 2025 बीमारी फिर से गंभीर रूप ले चुकी है। साल 2025 में अब तक केरल में लेप्टोस्पायरोसिस 3259 मामलों में सामने आया और 209 लोगों की मौत हो चुकी है। केंद्र सरकार ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।
सबसे प्रभावित जिले
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के अनुसार, केरल के 14 जिलों में सबसे ज्यादा लेप्टोस्पायरोसिस के मामले तिरुवनंतपुरम में दर्ज हुए (583 मामले), इसके बाद एर्नाकुलम (492) और त्रिशूर (340) हैं। उन्होंने बताया कि जन स्वास्थ्य राज्य का विषय है और बीमारी की निगरानी, रिपोर्टिंग और रोकथाम की मुख्य जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है।
केंद्र सरकार की रोकथाम योजना
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के जरिए लेप्टोस्पायरोसिस की रोकथाम और नियंत्रण कार्यक्रम चलाया है। यह कार्यक्रम भारत के 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, जिसमें केरल भी शामिल है। कार्यक्रम का उद्देश्य बीमारी और मौतों को कम करना, जल्दी पहचान और इलाज, बेहतर मरीज देखभाल और विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करना है।
जागरूकता और प्रशिक्षण
राज्य और जिला स्तर के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निजी डॉक्टरों को भी निरंतर मेडिकल शिक्षा के जरिए जागरूक किया जा रहा है। राज्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं को मजबूत किया गया है और देशभर में 75 सेंटिनल निगरानी केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 5 केरल में हैं।
राज्यों को वित्तीय और तकनीकी मदद
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। यह सहायता राज्यों की भेजी गई योजनाओं, उपलब्ध संसाधनों और तय नियमों के आधार पर दी जाती है।
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