किस्त देकर बहनों की दिवाली रोशन कर दी मोहन सरकार ने

Blog

लाडली बहन योजना जब शुरू हुई थी तब लगा रहा था कि दूसरी लोक लुभावना योजनाओं की तरह यह भी केवल मुफ्त की रेवड़ी ही है। लेकिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है यह स्पष्ट होता जा रहा है की लाडली बहन योजना परिवार में रीड़ की हड्डी साबित हो रही है। उसका कारण यह है कि महिलाओं के खाते में जो पैसा जा रहा है वह परिवार के काम आ रहा है। यूं तो मध्य प्रदेश शासन अनेक प्रकार की योजनाओं के तहत लोगों के खाते में राशि हस्तांतरण करता होगा। लेकिन एकमात्र लाडली बहन योजना ऐसी योजना है जिसके माध्यम से भेजा जाना वाला पैसा पारिवारिक जरूरत के काम आ रहा है। यदि कहीं पर यह पैसा बचत खातों में जमा है तो निश्चित ही भविष्य में काम आने वाला है। क्योंकि जो पैसा महिलाओं के हाथ में पहुंचता है वह अकारण खर्च नहीं होता। ना ही वह किसी प्रकार के गलत कार्यों में लगाया जाता। शायद यही कारण रहा होगा कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस योजना को भारी खर्च के बाद भी बनाए रखा गया है। आज फिर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लाडली बहन योजना की किस्त जारी की तो यही संदेश दिया कि लाडली बहन योजना अंतर्गत राशि जारी करके ऐसा प्रतीत होता है मानो मध्य प्रदेश सरकार पुण्य कार्य कर रही है। क्योंकि जब माता बहनों की खाते में पैसा पहुंचता है तो सरकार को उनका आशीर्वाद तो मिलता ही है, साथ में सभी परिवार जनों की प्रसन्नता भी देखते ही बनती है। उल्लेखनीय है कि इस किस्त को ₹1000 से शुरू किया गया था। भविष्य में इसे ₹3000 तक पहुंचना है। धीरे-धीरे ही सही यह राशि पहले से ही तय किए गए लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। जब यह राशि दीपावली के ठीक पहले महिलाओं के खाते में जा रही है तब निस्संदेह परिवार में खुशी का कारण बन रही है। इसी के साथ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ किया। जो बीते रोज राजधानी भोपाल के कुशा भाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में प्रारंभ हुआ और आज इसका समापन हो रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में समृद्ध होता पर्यटन के नाम से इस योजना को मध्य प्रदेश शासन ने प्रारंभ किया है। जिसके तहत भोपाल समेत प्रदेश भर के पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग की जानी है और वहां तक पर्यटकों को पहुंचाने उनकी सहूलियतों को अंतिम रूप देने का काम भी सरकार करने जा रही है। वैसे भी मध्य प्रदेश शासन की कमान जब से डॉक्टर मोहन यादव के हाथ में आई है प्रदेश भर के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर सरकार का विशेष ध्यान बना हुआ है। इस योजना के तहत उज्जैन का महालोंक तो लगातार सुंदर हो ही रहा है। इसके अलावा सिंहस्थ 2028 की तैयारी अभी से शुरू की जा चुकी है। मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट योजना में भी इन योजनाओं को समाहित किया गया है। जिसमें 27 देश के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर सहभागिता दर्ज करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की तारीफ की जानी चाहिए कि उन्होंने इस कार्यक्रम के तहत 3000 से अधिक लोगों के साथ मीटिंग को अंजाम दिया। कई सारे निवेशक जो इस कार्यक्रम में भाग लेने आए थे उन सभी के साथ संतोषजनक वार्ता देखने को मिली। इससे एक बात तो स्पष्ट हो चली है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने धार्मिक सामाजिक और पर्यटन क्षेत्र, सभी पर बराबर फोकस बनाए रखा है। यही कारण है कि तीनों क्षेत्र में मध्य प्रदेश लगातार अग्रणी हो रहा है। इसी के साथ-साथ चौथा महत्वपूर्ण काम यह है कि अब डॉक्टर मोहन यादव को बिहार में अपने समाज के लोगों को भाजपा के पाले में करने का जिम्मा मिला है। तारीफ की बात यह है कि मध्य प्रदेश शासन की प्रशासनिक डोर को संभालते हुए और बेहद संतुलन कायम करने के बाद अब उन्होंने बिहार पर फोकस करना भी शुरू कर दिया है। ऐसा नहीं है कि मध्य प्रदेश से केवल मुख्यमंत्री ही अकेले नेता है जो बिहार चुनाव में भाजपा का पलड़ा मजबूत कर रहे हैं। लेकिन डॉक्टर मोहन यादव विशेष रूप से केंद्र में है। क्योंकि बिहार में यादव जाति की अच्छी खासी बहुलता है और डॉक्टर मोहन यादव को वहां हाथों हाथ लिया जा रहा है। क्योंकि मध्य प्रदेश शासन की जो जनहित योजनाएं हैं वह विभिन्न प्रदेशों की सरकारों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। वहीं बिहार की जनता आश्वस्त है कि जब डॉक्टर मोहन यादव मध्य प्रदेश की जनहितैषी योजनाओं का बखान करते हैं तो उन्हें लगता है कि भाजपा अथवा एनडीए की सरकार बनने पर बिहार में भी यही जनहित की योजनाएं लागू होने जा रही हैं। कुल मिलाकर डॉ मोहन यादव हर क्षेत्र में कामयाबी की ओर बढ़ रहे हैं।

Leave a Reply