एजेंसी, तेहरान। ईरान ने यूएई, सऊदी अरब और तुर्की को धमकी दी है। ईरान ने कहा कि यदि अमेरिका हमला करेगा तो वह इन देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा। साथ ही, उसने इन दोनों से अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की अपील की है। दरअसल, ईरान में सरकार के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में करीब 2 हजार लोगों की मौत हो चुकी है।
‘तैयारी चरम पर हैं’
रॉयटर्स के मुताबिक अमेरिका की धमकी के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एयरोस्पेस कमांडर ने कहा कि अपनी तैयारी के चरम पर हैं। कमांडर ने कहा कि पिछले साल इजरायल के साथ 12 दिनों के युद्ध के बाद से ईरान के मिसाइल भंडार में वृद्धि हुई है, और उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के दौरान हुए नुकसान की मरम्मत कर दी गई है।
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प्रदर्शनकारियों पर त्वरित सुनवाई के दिए निर्देश
इसी बीच ईरान के शीर्ष न्यायाधीश ने देशव्यापी प्रदर्शनों में हिरासत में लिए गए लोगों के लिए त्वरित सुनवाई और फांसी की सजा का संकेत दिया है। बता दें कि ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई ने एक वीडियो में ये टिप्पणियां कीं।
ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से कही ये बात
बता दें कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सरकार को धमकी दी है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे अपने संस्थानों पर कब्जा कर लें। उन्होंने ईरानियों से कहा कि मदद आ रही है। ट्रंप ने ईरान सरकार से प्रदर्शनकारियों के प्रति मानवता दिखाने का भी आह्वान किया और मौजूदा प्रदर्शनों में हुई मौतों की निंदा की। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि अगर ईरानी अधिकारी ईरान में जारी अशांति के दौरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देते हैं तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा।
ईरान ने ट्रंप पर लगाया ये आरोप
ईरान ने कहा कि अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप के लिए बहाना गढ़ने की कोशिश कर रहा है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ावा देने, हिंसा भड़काने और देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का भी आरोप लगाया।


