एजेंसी, कोलकाता। Suvendu Adhikari Cabinet : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का गठन होने के ठीक 22 दिनों के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने कैबिनेट का पहला बड़ा विस्तार कर दिया है। कोलकाता स्थित राजभवन (लोकभवन) के प्रांगण में एक बेहद भव्य और विशेष समारोह का आयोजन किया गया था। इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने कुल 35 नए मंत्रियों को उनके पद और गोपनीयता की आधिकारिक शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस नए और विस्तृत मंत्रिमंडल में पुराने व अनुभवी राजनेताओं के साथ-साथ बिल्कुल नए चेहरों का एक बहुत ही शानदार तालमेल देखने को मिल रहा है, जिसमें बीजेपी के कई दिग्गज और जमीनी नेताओं को जगह दी गई है।
The oath-taking ceremony of the new ministry marks the beginning of a renewed commitment to the people of West Bengal.
With dedication and a vision for progress, the government pledges to build a safer, stronger, and more prosperous state, ensuring development, security, and… pic.twitter.com/XOSGrNIZUM— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) June 1, 2026
मंत्रिमंडल का पूरा समीकरण और मंत्रियों की श्रेणियां
सुवेंदु अधिकारी सरकार के इस पहले बड़े प्रशासनिक विस्तार में कुल 35 विधायकों को मंत्री परिषद का हिस्सा बनाया गया है। सरकार को सुचारू रूप से चलाने के लिए इन मंत्रियों को 3 अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इस पूरे गणित को समझें तो इसमें से 13 विधायकों को पूर्ण कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके अलावा 3 विधायकों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में सरकार में शामिल किया गया है, जो सीधे अपने विभागों की कमान संभालेंगे। वहीं बाकी बचे 19 विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में अपने पद की शपथ ली है, जो कैबिनेट मंत्रियों के साथ मिलकर काम करेंगे।
कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले 13 कद्दावर नेता
मुख्यमंत्री ने अपनी मुख्य कैबिनेट में जिन 13 चेहरों पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है, उनमें कई अनुभवी नाम शामिल हैं। इन कैबिनेट मंत्रियों की सूची में स्वपन दासगुप्ता, तपस रॉय, अर्जुन सिंह, दीपक बर्मन और डॉ. शंकर घोष जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इनके अलावा मनोज कुमार उरांव, गौरी शंकर घोष, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, कल्याण चक्रवर्ती, अजय पोद्दार, शरद्वत मुखर्जी, दूध कुमार मंडल और अनुप कुमार दास को भी कैबिनेट मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह सभी नेता राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं और अपनी जमीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं।
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और राज्य मंत्रियों की सूची
सरकार में 3 नेताओं को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें डॉ. इंद्रनील खान, मालती रावा रॉय और राजेश महतो के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही 19 विधायकों को राज्य मंत्री बनाया गया है। इस सूची में पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा एक बड़ा आकर्षण रहे। उनके अलावा जोएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, आनंदमय बर्मन, नादियार चंद बाउरी, विशाल लामा, शांतनु प्रमाणिक, मौमिता बिस्वास मिश्रा, उमेश राय, पूर्णिमा चक्रवर्ती, कौशिक चौधरी, भास्कर भट्टाचार्य, दिवाकर घरामी, अमिया किस्कू, कलिता माझी, गर्गी दास घोष, बिराज बिस्वास, दीपांकर जना और सुमना सरकार ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली है।
विभागों के आवंटन और मंत्रालयों की घोषणा पर टिकी सबकी नजरें
राजभवन में आयोजित यह पूरा शपथ ग्रहण समारोह बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हो गया, लेकिन मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने फिलहाल मंत्रियों को मिलने वाले विभागों यानी मंत्रालयों की कोई घोषणा नहीं की है। इस वजह से राज्य के राजनैतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच अब इस बात की उत्सुकता और चर्चा बहुत तेज हो गई है कि गृह, वित्त, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सबसे महत्वपूर्ण और भारी-भरकम विभाग किस बड़े नेता के खाते में जाएंगे। राजनैतिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि मुख्यमंत्री अगले 24 से 48 घंटों के भीतर सभी मंत्रियों के विभागों के बंटवारे की आधिकारिक सूची जारी कर सकते हैं।
ये भी पढ़े : अक्षय कुमार और दिशा पाटनी का नया गाना ‘ऊंचा लंबा कद फॉरेवर’ रिलीज
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


