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पश्चिम एशिया में महायुद्ध का खतरा बरकरार : ट्रंप ने ईरान को दी गई मोहलत बढ़ाई इजराइल के भीषण हमले जारी और शांति प्रस्ताव ठुकराकर ईरान ने रखी अपनी कड़ी शर्तें

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एजेंसी, तेहरान/तेल अवीव। इजराइल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को इजराइली सेना ने ईरान पर नए सिरे से जोरदार हमले शुरू कर दिए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण चर्चाएं चल रही हैं। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य यानी समुद्री मार्ग को खोलने के लिए ईरान को दी गई समय-सीमा को थोड़ा और आगे बढ़ा दिया है, हालांकि ईरान की ओर से झुकने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। इजराइली सेना के मुताबिक शुक्रवार को तेहरान में किए गए हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल और घातक हथियार बनाने वाले केंद्रों को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा पश्चिमी ईरान में स्थित मिसाइल दागने वाले ठिकानों और हथियारों के गोदामों को भी ध्वस्त किया गया है।

ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है जिसके कारण इजराइल में हवाई हमले के सायरन गूंज रहे हैं। ईरान ने खाड़ी देशों पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं जिससे बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। कुवैत के शुवेख बंदरगाह को भी इन हमलों में भौतिक नुकसान पहुंचने की खबर है, हालांकि वहां किसी की जान नहीं गई है।

दुनिया भर के शेयर बाजारों में आ रही गिरावट और पश्चिम एशिया से बाहर फैलते आर्थिक संकट के कारण राष्ट्रपति ट्रंप पर भारी दबाव है। वह चाहते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य से ईरान अपना नियंत्रण हटा ले क्योंकि दुनिया का 20 प्रतिशत तेल इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। अमेरिका ने युद्ध रोकने के लिए ईरान के सामने 15 सूत्रीय प्रस्ताव रखा है जिसमें इस जलमार्ग पर ईरान का कब्जा छोड़ने की शर्त भी शामिल है। इसके साथ ही अमेरिका ने क्षेत्र में हजारों अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने का आदेश दिया है जो किसी सैन्य कार्रवाई का संकेत दे रहे हैं।

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ट्रंप ने पहले चेतावनी दी थी कि यदि 48 घंटे में यह रास्ता नहीं खुला तो ईरान के बिजली और ऊर्जा केंद्रों को तबाह कर दिया जाएगा। बाद में इस मोहलत को पांच दिन किया गया और अब इसे बढ़ाकर छह अप्रैल कर दिया गया है। ट्रंप का कहना है कि बातचीत सही दिशा में जा रही है जबकि ईरान ने किसी भी तरह की वार्ता में शामिल होने की बात से साफ इनकार किया है।

इस तनाव का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखी गई है। कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। 28 फरवरी को शुरू हुए हमलों के बाद से तेल की कीमतों में 45 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने बताया कि उन्होंने ईरान को शांति के लिए जो सूची सौंपी है उसमें परमाणु कार्यक्रम पर रोक जैसी शर्तें भी हैं। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज करते हुए अपनी 5 मांगें रख दी हैं। ईरान ने युद्ध से हुए नुकसान के मुआवजे और समुद्री मार्ग पर अपनी संप्रभुता को मान्यता देने की शर्त रखी है। फिलहाल पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत कराने की राजनयिक कोशिशें जारी हैं।

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