आतंकी नेटवर्क

आतंकी नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़ : दिल्ली और बंगाल समेत कई राज्यों में छापेमारी, आईएसआईएस और अल-कायदा से जुड़े 12 संदिग्ध धराए

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए कई राज्यों में साझा अभियान चलाकर 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में से तीन विजयवाड़ा के निवासी हैं, जबकि अन्य संदिग्धों को बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी आरोपी अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) जैसे संगठनों के विदेशी आकाओं के सीधे संपर्क में थे। ये लोग कथित तौर पर देश विरोधी हरकतों, युवाओं का ब्रेनवॉश करने और जिहाद की साजिश रचने में संलिप्त थे।

विजयवाड़ा से पकड़े गए तीन मुख्य संदिग्ध पकड़े गए आरोपियों में मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ (23 वर्ष, बाइक टैक्सी चालक), मिर्जा सोहेल बेग (23 वर्ष, रेस्तरां कर्मचारी) और मोहम्मद दानिश (27 वर्ष, लेजर मार्किंग प्रोफेशनल) शामिल हैं। ये तीनों विजयवाड़ा के रहने वाले हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इन्होंने ‘अल मलिक इस्लामिक यूथ’ नाम का एक गुट तैयार किया था। इस समूह का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर धकेलना, उन्हें जिहाद के लिए उकसाना और देशभर में अपने नापाक नेटवर्क का विस्तार करना था।

इस तरह फैलाया जा रहा था कट्टरपंथ प्रारंभिक तफ्तीश में पता चला है कि रहमतुल्लाह अंतरराष्ट्रीय आतंकी सरगनाओं के भड़काऊ भाषणों से प्रभावित था। वह सोशल मीडिया पर लगातार उग्रवादी सामग्री देखता और दूसरों के साथ साझा करता था। रहमतुल्लाह ने दानिश और सोहेल बेग के साथ मिलकर ऑनलाइन मंचों के जरिए अपनी गतिविधियों का दायरा बढ़ाया।

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विदेशी आकाओं से सीधा संपर्क जांच में खुलासा हुआ कि रहमतुल्लाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से अल-हकीम शकूर नाम के एक विदेशी हैंडलर से नाता जोड़ा था। उसी के दिशा-निर्देशों पर वह बिहार के शादमान दिलखुश और हैदराबाद की सैदा बेगम के साथ मिलकर काम कर रहा था। इसके अलावा, उसने आईएसआईएस से संबंधित “बेनेक्स कॉम” समूह के सदस्यों के साथ भी संबंध बना लिए थे। इस कड़ी में दिल्ली के लकी अहमद, पश्चिम बंगाल के मीर आसिफ अली, राजस्थान के जीशान, कर्नाटक के अब्दुल सलाम, बिहार के अजमानुल्लाह खान और महाराष्ट्र के शाहरुख खान व शियाक पियाज उर रहमान के नाम सामने आए हैं।

संदिग्धों पर लगे गंभीर आरोप इन आरोपियों पर विदेशी हैंडलर के इशारों पर काम करने और इंस्टाग्राम व टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया ऐप के जरिए कट्टरपंथी सामग्री फैलाने के आरोप हैं। ये ओसामा बिन लादेन के वीडियो देखते थे और उनकी नकल करने की कोशिश करते थे। इन पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने, राष्ट्रगान का मजाक उड़ाने और भारत को इस्लामी राज्य बनाने की घोषणा करने जैसे संगीन आरोप भी लगे हैं। यह समूह गजवा-ए-हिंद की सोच पर काम कर रहा था और पाकिस्तान व अफगानिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग लेने की फिराक में था।

पाकिस्तान भागने की तैयारी में थे आरोपी जांच में यह भी पता चला है कि ये लोग ट्रेनिंग लेने के मकसद से एक महीने के भीतर पाकिस्तान जाने की जुगत में थे। वे अन्य युवाओं को भी आतंकी प्रशिक्षण के लिए सीमा पार जाने को उकसा रहे थे। पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने और इनके विस्तार को रोकने के लिए जांच की प्रक्रिया अभी जारी है।

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