प्लास्टिक उद्योग

पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक उद्योग को बड़ी सौगात : सरकार ने 40 रसायनों पर आयात शुल्क शून्य किया, 30 जून तक लागू रहेगी छूट

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय व्यापार

एजेंसी, नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने 1 अप्रैल 2026 को गजट ऑफ इंडिया में दो विशेष अधिसूचनाएं जारी कर पेट्रोकेमिकल और अन्य उद्योगों को बहुत बड़ी राहत दी है। सरकार ने इन अधिसूचनाओं के जरिए 40 महत्वपूर्ण रसायनों, मोनोमर्स और पॉलिमर पर लगने वाले बेसिक कस्टम ड्यूटी यानी बुनियादी आयात शुल्क शून्य कर पूरी तरह से खत्म कर दिया है। इसके साथ ही एक अन्य बड़े फैसले में अमोनियम नाइट्रेट पर लगने वाले कृषि अवसंरचना और विकास उपकर को भी शून्य कर दिया गया है। आयात शुल्क में दी गई यह बड़ी छूट आज यानी 2 अप्रैल से प्रभावी हो गई है और यह 30 जून तक लागू रहेगी।

एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश के अध्यक्ष योगेश मेहता ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इससे मध्य प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र को जबरदस्त फायदा होगा और यह उद्योगों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से कच्चे माल को बाहर से मंगाने की लागत में भारी कमी आएगी। इससे घरेलू विनिर्माण इकाइयों की बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ेगी और बाजार में मिलने वाले अंतिम उत्पादों के दाम भी नियंत्रण में रहेंगे। यह छूट मुख्य रूप से प्लास्टिक, पेंट, रेजिन, फार्मास्यूटिकल, उर्वरक, पॉलिमर और विशेष रसायन उद्योगों के लिए वरदान साबित होगी।

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इस फैसले का उद्योग जगत पर व्यापक और सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। इससे प्लास्टिक और पॉलिमर उद्योग को सीधा लाभ पहुंचेगा, जबकि पेंट, कोटिंग्स और रेजिन बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन लागत में बड़ी गिरावट आएगी। इसी तरह उर्वरक और फार्मास्यूटिकल कंपनियों को अब कच्चा माल काफी सस्ती दरों पर उपलब्ध हो सकेगा। इस कटौती का अप्रत्यक्ष लाभ टेक्सटाइल, पैकेजिंग और ऑटोमोबाइल जैसे बड़े क्षेत्रों को भी मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छोटे और मध्यम दर्जे के उद्योगों (एमएसएमई) के लिए यह एक विशेष राहत है, क्योंकि इनमें से ज्यादातर इकाइयां अपने काम के लिए आयातित कच्चे माल पर ही निर्भर रहती हैं।

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