एजेंसी, कोलकाता। अमित शाह कोलकाता बयान : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर का एक कथित वीडियो वायरल होने पर राजनीतिक घमासान मच गया है। इस वीडियो में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ बड़ी डील की चर्चा होने का दावा किया जा रहा है। इस पर पलटवार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि भाजपा का हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ कभी कोई समझौता नहीं हो सकता।
कोलकाता में @BJP4Bengal के संकल्प पत्र विमोचन से लाइव…
নারী, যুবসমাজ, সকল শ্রেণির কল্যাণ ও অনুপ্রবেশমুক্ত বাংলা গড়তে সক্ষম কেবল বিজেপি। কলকাতায় পশ্চিমবঙ্গ বিজেপির সংকল্পপত্র প্রকাশ অনুষ্ঠান থেকে সরাসরি…#BhorosharShopothBJP https://t.co/tPMaileymI
— Amit Shah (@AmitShah) April 10, 2026
ममता बनर्जी पर साधा निशाना
अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह इस तरह के हजारों वीडियो बनवा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हुमायूं कबीर और भाजपा उत्तर और दक्षिण ध्रुव की तरह हैं जो कभी मिल नहीं सकते। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि बंगाल में बाबरी मस्जिद के निर्माण की बात करने वालों के साथ बैठने के बजाय भाजपा अगले 20 सालों तक विपक्ष में बैठना ज्यादा पसंद करेगी।
हिंसा की जांच के लिए बनेगा विशेष आयोग
मालदा की हालिया घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग ने स्थिति का संज्ञान लिया है ताकि चुनाव बिना किसी भय के संपन्न हों। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में होने वाली राजनीतिक हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर तीन श्वेत पत्र भी जारी किए जाएंगे।
हुमायूं कबीर का पलटवार
दूसरी ओर, वायरल वीडियो को लेकर हुमायूं कबीर ने भी अपनी सफाई दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि दिसंबर का वीडियो अप्रैल में क्यों वायरल किया जा रहा है और इतने दिनों तक मुख्यमंत्री क्या कर रही थीं। उन्होंने ममता बनर्जी और भाजपा-आरएसएस के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि वे सभी मिलकर उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में हाई कोर्ट में जवाब देने की बात भी कही।
गठबंधन पर संशय
एआईएमआईएम द्वारा कबीर की पार्टी से समर्थन वापस लेने के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी करने से मना कर दिया और कहा कि इस बारे में संबंधित दल से ही पूछा जाना चाहिए। फिलहाल इस वीडियो विवाद ने बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है।
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