एजेंसी, नई दिल्ली। आरबीआई नए नियम : देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल और साइबर अपराधों को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एक बड़ा कदम उठाने की योजना बना रहा है। इस नए प्रस्ताव के तहत यूपीआई या आईएमपीएस के जरिए होने वाले बड़े भुगतान पर ‘कूलिंग पीरियड’ लागू किया जा सकता है। इसका अर्थ यह है कि यदि आप किसी को 10,000 रुपये से ज्यादा की राशि भेजते हैं, तो वह पैसा सामने वाले के खाते में पहुंचने में कम से कम 1 घंटे का समय लगेगा। रिजर्व बैंक ने इस योजना पर 8 मई तक आम जनता और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद पक्की गाइडलाइंस जारी की जाएंगी।
आरबीआई ने ‘डिजिटल भुगतानों में धोखाधड़ी की रोकथाम हेतु सुरक्षा उपायों के अन्वेषण संबंधी चर्चा-पत्र’ पर जन-सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित की हैं
RBI invites public comments on Discussion Paper-Exploring safeguards in digital payments to curb fraudshttps://t.co/yzuTzoaCbu— ReserveBankOfIndia (@RBI) April 9, 2026
आखिर क्यों जरूरी है यह देरी?
ऑनलाइन ठगी के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए यह फैसला लिया जा रहा है। साल 2021 में जहां केवल 551 करोड़ रुपये के फ्रॉड हुए थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 22,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि कुल ठगी की रकम का 98 फीसदी हिस्सा उन ट्रांजेक्शन से जुड़ा है जो 10,000 रुपये से ऊपर के होते हैं। 1 घंटे की इस देरी से लोगों को ठगी का एहसास होने पर पैसा रुकवाने का मौका मिल सकेगा।
खास सुविधाओं और नियमों पर मंथन
इस नई व्यवस्था में सुरक्षा के कई स्तर जोड़ने पर विचार किया जा रहा है:
पैसा वापस लेने का विकल्प: 10,000 रुपये से अधिक का ट्रांसफर 1 घंटे के लिए होल्ड पर रहेगा, जिस दौरान ग्राहक ट्रांजेक्शन रद्द कर सकेगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षा: 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए 50,000 रुपये से ज्यादा भेजने पर उनके किसी भरोसेमंद व्यक्ति की सहमति लेना जरूरी हो सकता है।
बड़े खातों की पुष्टि: छोटे व्यापारिक या व्यक्तिगत खातों में 25 लाख रुपये से ज्यादा जमा होने पर बैंक पुष्टि करने के बाद ही पैसा क्रेडिट करेगा।
किल स्विच से मिलेगी बड़ी सुरक्षा
आरबीआई एक ‘किल स्विच’ फीचर लाने पर भी विचार कर रहा है। इसके माध्यम से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में ग्राहक एक ही बटन दबाकर अपनी इंटरनेट बैंकिंग, कार्ड और यूपीआई जैसी तमाम डिजिटल सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। इससे धोखाधड़ी होने पर नुकसान को कम से कम करने में मदद मिलेगी।
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